नयी दिल्ली, चार फरवरी (भाषा) रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बुधवार को लोकसभा को बताया कि ‘कंफर्म’ और तत्काल टिकट रद्द करने से प्राप्त राजस्व का अलग से रिकॉर्ड नहीं रखा जाता है।
वैष्णव ने संसद के एक प्रश्न के लिखित उत्तर में कहा, ‘‘टिकट रद्द करना और किराया वापसी रेल यात्री (टिकट रद्द करना और किराया वापसी) नियम, 2015 द्वारा शासित है, जिसमें समय-समय पर संशोधन किये गए हैं।’’
‘कंफर्म’ टिकटों और तत्काल आरक्षित टिकटों के रद्द किए जाने पर पैसे वापस नहीं करने से रेलवे को प्राप्त राजस्व के बारे में रेल मंत्री से प्रश्न पूछा गया था, जिसके जवाब में उन्होंने यह जानकारी दी।
वैष्णव ने लिखित उत्तर में कहा, ‘‘यात्रियों द्वारा यात्रा न करने की स्थिति में कंफर्म टिकटों और तत्काल सेवा के तहत आरक्षित टिकटों के पैसे नहीं लौटाये जाने से रेलवे को अर्जित राजस्व का अलग से रिकॉर्ड नहीं रखा जाता है।’’
ट्रेन टिकटों पर दी जाने वाली छूट के बारे में उन्होंने कहा, ‘‘भारतीय रेलवे समाज के सभी वर्गों को किफायती सेवाएं प्रदान करने का प्रयास करता है। इसने 2023-24 में यात्री टिकटों पर 60,466 करोड़ रुपये की सब्सिडी दी, जो रेलवे में यात्रा करने वाले प्रत्येक व्यक्ति को औसतन 45 प्रतिशत की छूट के बराबर है।’’
भाषा सुभाष अविनाश
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