ईटानगर, चार फरवरी (भाषा) अरुणाचल प्रदेश के राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल (सेवानिवृत्त) के टी परनाइक ने बुधवार को विधायकों से विधानसभा की गरिमा बनाए रखने तथा राज्य को शांति, प्रगति और समृद्धि की ओर ले जाने के लिए जनोन्मुख शासन सुनिश्चित करने की अपील की।
दो दिवसीय विधानसभा सत्र के पहले दिन सदन में अपने अभिभाषण में राज्यपाल ने कहा कि यह लोकतांत्रिक मूल्यों और सहयोगपरक कार्यप्रणाली को मजबूत करके अपनी गौरवशाली विरासत का सम्मान करने का एक अवसर है।
सदस्यों के सामूहिक विवेक पर विश्वास व्यक्त करते हुए उन्होंने कहा कि विधानसभा समावेशी, टिकाऊ और परिवर्तनकारी विकास के माध्यम से विकसित भारत और विकसित अरुणाचल की राष्ट्रीय दृष्टि के अनुरूप राज्य का मार्गदर्शन करना जारी रखेगी।
परनाइक ने निरंतर समर्थन और दूरदर्शी नेतृत्व के लिए केंद्र सरकार, विशेष रूप से प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के प्रति आभार व्यक्त किया।
उन्होंने प्रधानमंत्री की ईटानगर यात्रा का उल्लेख किया, जिसके दौरान 5,100 करोड़ रुपये से अधिक की विकास परियोजनाओं का उद्घाटन किया गया। उन्होंने कहा कि यह राज्य के प्रति केंद्र की समर्पित प्रतिबद्धता का प्रतीक है।
परनाइक ने मुख्यमंत्री के नेतृत्व में राज्य सरकार द्वारा व्यक्त की गई 'पंच प्रतिज्ञाओं' (पांच संकल्पों) को भी एक स्पष्ट रोडमैप के रूप में सामने रखा, जो 2047 तक विकसित अरुणाचल और विकसित भारत की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
उन्होंने कहा कि ये पांच प्रतिज्ञाएं युवाओं और मानव पूंजी को विकास के केंद्र में रखती हैं, आजीविका और ग्रामीण आत्मनिर्भरता को मजबूत करती हैं, प्रकृति के साथ सामंजस्य में विकास सुनिश्चित करती हैं, हरित ऊर्जा और जलविद्युत आधारित परिवर्तन को बढ़ावा देती हैं, और टिकाऊ पर्यटन को प्रोत्साहित करती हैं।
भाषा राजकुमार देवेंद्र
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