चेन्नई, चार फरवरी (भाषा) तमिलनाडु में पट्टाली मक्कल काची (पीएमके) के नेता डॉ. अंबुमणि रामदास ने थिरुवनमियूर-उथंडी एलिवेटेड रोड के निर्माण के ठेके देने में कथित तौर पर '700 करोड़ रुपये के घोटाले' की जांच सीबीआई से कराने की मांग की है।
इस परियोजना में चेन्नई के ईस्ट कोस्ट रोड (ईसीआर) के साथ 14.20 किलोमीटर लंबे चार लेन वाले एलिवेटेड राजमार्ग का निर्माण शामिल है।
मद्रास उच्च न्यायालय ने हाल ही में हैदराबाद स्थित केएनआर कंस्ट्रक्शंस को कार्य आदेश जारी करने पर रोक लगाने का अंतरिम आदेश पारित किया है। इसके बाद ही यह मामला जांच के दायरे में आ गया है।
डॉ. अंबुमणि ने एक बयान में आरोप लगाया कि द्रविड़ मुनेत्र कषगम (द्रमुक) के नेतृत्व वाली तमिलनाडु सरकार ने जानबूझकर निविदा प्रक्रिया में हेरफेर किया, ताकि केएनआर कंस्ट्रक्शंस को फायदा पहुंचाया जा सके, जबकि मध्यप्रदेश स्थित दिलीप बिल्डकॉन की कम राशि वाली निविदा को खारिज कर दिया गया।
डॉ. अंबुमणि ने कहा, ‘‘द्रमुक सरकार ने केएनआर कंस्ट्रक्शंस को ठेका देने का फैसला किया, जबकि एक अन्य कंपनी ने 700 करोड़ रुपये कम राशि पर काम पूरा करने की पेशकश की थी। इससे तमिलनाडु प्रशासन का भ्रष्ट चेहरा उजागर होता है।’’
उन्होंने आरोप लगाया कि निविदा की समय सीमा को बार-बार स्थगित किया गया, ताकि केएनआर कंस्ट्रक्शंस को पात्रता मानदंडों को पूरा करने का मौका मिल सके।
डॉ. अंबुमणि ने राज्य सरकार से मामले को सीबीआई को सौंपने का आग्रह किया, ताकि पारदर्शी जांच सुनिश्चित हो सके।
भाषा रवि कांत सुरेश
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