(फोटो के साथ)
(विजय जोशी)
नयी दिल्ली, चार फरवरी (भाषा) वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने तमिलनाडु में ‘इंडिया’ गठबंधन में दरार पैदा होने का संकेत देते हुए द्रमुक के नेतृत्व वाले गठबंधन के प्रति कांग्रेस की प्रतिबद्धता पर सवाल उठाए और कहा कि पार्टी इस बात को लेकर असमंजस में है कि आगामी विधानसभा चुनाव अपने दम पर लड़े या द्रविड़ मुन्नेत्र कषगम (द्रमुक) के साथ।
‘पीटीआई वीडियोज’ को दिए साक्षात्कार में उन्होंने कहा कि राजनीति में अभिनेता विजय के प्रवेश ने तमिलनाडु में चुनावी माहौल बदल दिया है, लेकिन चुनाव नतीजों से ही पता चल सकेगा कि उनमें कितना दम है।
सीतारमण ने यह सवाल भी किया कि सत्तारूढ़ द्रमुक पांच साल का कार्यकाल पूरा होने और सुशासन का दावा करने के बावजूद असुरक्षित क्यों दिख रही है।
सीतारमण ने द्रमुक सरकार पर मादक पदार्थों की तस्करी, अनुसूचित जातियों और महिलाओं के खिलाफ अपराधों और विश्वविद्यालयों में बढ़ती असुरक्षा जैसे कानून-व्यवस्था से जुड़े मुद्दों का समाधान निकालने में नाकाम रहने का आरोप लगाया।
उन्होंने कहा, “किसी भी विपक्ष को ये सवाल पूछने चाहिए।”
तमिलनाडु की राजनीति में अभिनेता विजय के प्रवेश के बारे में सीतारमण ने कहा कि उनकी मौजूदगी ने राज्य के चुनाव में दिलचस्पी बढ़ा दी है और द्रमुक इससे असहज हुई है।
उन्होंने कहा, “चुनाव परिणाम ही यह साबित करेंगे, लेकिन मुझे लगता है कि उन्होंने चुनावी माहौल को बदल दिया है। वास्तव में उनकी पार्टी और वह जिस अंदाज में जोर लगा रहे हैं उससे तमिलनाडु के चुनाव में दिलचस्पी बढ़ गई है।”
सीतारमण ने कहा कि विजय के राजनीति में उतरने से द्रमुक असुरक्षित महसूस कर रही है।
भाजपा और विजय के साथ आने की अटकलों के बारे में सीतारमण ने कहा कि राजनीति यह नहीं है कि ‘किसे किसकी जरूरत’ है। उन्होंने कहा कि हर किसी का स्वागत है।
उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) एकजुट है और आगे बढ़ रहा है।
सीतारमण ने ‘इंडिया’ गठबंधन पर निशाना साधते हुए तमिलनाडु में कांग्रेस की भूमिका और प्रतिबद्धता पर सवाल उठाए।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस गठबंधन साझेदारों पर निर्भर दिखाई देती है और चुनाव में कुछ ही महीने बाकी रहने पर भी अपनी राजनीतिक दिशा को लेकर असमंजस में है।
सीतारमण ने कहा, “कांग्रेस और द्रमुक दोनों से सवाल किए जाने चाहिए। पांच साल तक साथ में सत्ता में रहने के बावजूद उनकी झिझक क्यों खत्म नहीं हुई है।”
वित्त मंत्री ने कहा, 'पांच साल तक यह दावा करने के बाद कि उन्होंने बहुत अच्छी सरकार चलाई है, तमिलनाडु का विकास हुआ है, तमिलनाडु ने यह किया है...बहुत अच्छा किया है, राज्य ने अच्छा किया है। लेकिन अब यह असुरक्षा की भावना क्यों है? कोई भी व्यक्ति चुनावी राजनीति में आ सकता है। एक फिल्म अभिनेता या कोई और पेशेवर। विजय आए हैं, तो यह बहुत अच्छा है। मतदाताओं के पास एक विकल्प है।”
उन्होंने राज्य में द्रमुक के नेतृत्व वाले सत्तारूढ़ गठबंधन पर तीखा हमला बोलते हुए कहा, 'अराजकता, मादक पदार्थों के सेवन (और अन्य) जैसे अपराधों में कोई सजा नहीं हो रही।”
वित्त मंत्री ने कहा, ' सामाजिक न्याय की बात करने वाली पार्टी के शासन में अनुसूचित जाति के खिलाफ अपराध और गरीब तबके की महिलाओं के खिलाफ अपराध के मामलों में कोई सजा नहीं दी जा रही।'
द्रमुक के साथ गठबंधन जारी रखने की कांग्रेस पार्टी की मंशा पर सवाल उठाते हुए, उन्होंने कहा कि पार्टी विभाजित दिखाई दे रही है।
उन्होंने कहा, 'वह द्रमुक के साथ रहना चाहती है या अलग होना चाहती है? या फिर किसी और के साथ जाना चाहती है?'
सीतारमण ने कहा, 'जब चुनाव इतना पास है, तब इन मुद्दों पर विचार किया जा रहा है।
उन्होंने पूछा, ‘‘क्या ‘इंडिया’ गठबंधन बरकरार है?’’
दक्षिण भारत में भाजपा के संघर्ष पर बात करते हुए सीतारमण ने कहा कि इस ‘दुष्प्रचार’ को खत्म करने में समय लगेगा कि पार्टी उत्तर भारतीयों और हिंदी भाषी लोगों पर केंद्रित है।
गोवा और पूर्वोत्तर के राज्यों में भाजपा की बढ़ती ताकत की ओर इशारा करते हुए, उन्होंने कहा कि सांप्रदायिकता के आरोप सही नहीं हैं।
उन्होंने सवाल किया, 'अगर भाजपा सांप्रदायिक होती, तो क्या वे राज्य उसे स्वीकार करते?'
भाषा जोहेब संतोष
संतोष