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इंफाल, चार फरवरी (भाषा) मणिपुर के मुख्यमंत्री के तौर पर बुधवार को शपथ लेने वाले युमनाम खेमचंद सिंह (62) दो बार से भाजपा विधायक हैं और लंबे समय तक राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के पदाधिकारी रहे हैं। वह संगठन पर ध्यान केंद्रित करने वाले नेता माने जाते हैं और उन्होंने राज्य में महत्वपूर्ण संवैधानिक और मंत्री पदों पर काम किया है।
राजनीति के अलावा ताइक्वांडो से उनका लंबा जुड़ाव रहा है। वह 'ब्लैक बैल्ट' धारक हैं और भारतीय ताइक्वांडो संघ के उपाध्यक्ष रह चुके हैं। सिंह पूर्वोत्तर में इस खेल को बढ़ावा देने में भी शामिल रहे हैं।
सिंह भले ही दो दशक से राजनीति में हों, लेकिन विधानसभा में उनका पदार्पण 2017 के चुनाव में इंफाल पश्चिम की सिंहजामेई सीट पर जीत हासिल करने के बाद हुआ।
पूर्व मुख्यमंत्री एम. बीरेन सिंह के नेतृत्व वाली भाजपा की पहली सरकार में वह विधानसभा अध्यक्ष रहे।
साल 2022 में बीरेन सिंह की दूसरी सरकार में उन्हें मंत्रिमंडल में शामिल करके नगर प्रशासन, आवास व शहरी विकास (एमएएचयूडी), ग्रामीण विकास, पंचायती राज और शिक्षा विभाग सौंपे गए।
वह फरवरी 2025 में राष्ट्रपति शासन लागू होने से पहले तक कैबिनेट सदस्य रहे। साल 2023 में मेइती और कुकी समुदायों के बीच भड़की जातीय हिंसा से निपटने को लेकर राज्य सरकार की आलोचनाओं के बीच मुख्यमंत्री एन. बीरेन सिंह ने इस्तीफा दे दिया था, जिसके बाद मणिपुर में राष्ट्रपति शासन लागू किया गया था।
खेमचंद ने पहली बार 2012 में ऑल इंडिया तृणमूल कांग्रेस के टिकट पर विधानसभा चुनाव लड़ा था, लेकिन कांग्रेस उम्मीदवार के हाथों हार का सामना करना पड़ा।
साल 2013 में वह भाजपा में शामिल हो गए थे।
सिंगजामेई युमनाम लेकाई में जन्मे सिंह ने 1978 में रामलाल पॉल हाईस्कूल से हाई स्कूल तक की पढ़ाई की। वह विवाहित हैं और उनका एक बेटा है।
भाषा जोहेब पवनेश
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