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पीएम2.5 कणों के एयरोसोल घटकों का मानसिक स्वास्थ्य विकारों से संबंध पाया गया : शोध

नयी दिल्ली, चार फरवरी (भाषा) पीएम2.5 प्रदूषण के संपर्क में आने से तनाव और अवसाद की आशंका बढ़ सकती है तथा प्रदूषक कणों के एयरोसोल घटक अन्य घटकों की तुलना में मानसिक स्वास्थ्य पर ज्यादा असर डालते हैं। एक शोध में यह दावा किया गया है।

भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (दिल्ली), अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान और राष्ट्रीय मानसिक स्वास्थ्य एवं तंत्रिका विज्ञान संस्थान (निमहांस), बेंगलुरु के शोधकर्ताओं की टीम ने यह भी पाया कि पीएम2.5 के घटकों की वजह से होने वाला कुल असर पीएम2.5 प्रदूषक कणों के कुल द्रव्यमान से होने वाले असर से ज्यादा था।

टीम ने कहा कि ‘आईसाइंस’ जर्नल में प्रकाशित निष्कर्ष से पता चलता है कि सिर्फ पीएम2.5 कणों के वजन को ही ध्यान में रखा जाए तो ये मानसिक स्वास्थ्य पर पड़ने वाले असर को कम आंकने के समान है।

शोधकर्ताओं ने कहा कि पीएम2.5 के संपर्क में आने से मानसिक स्वास्थ्य पर असर पड़ता है, लेकिन रसायनिक घटकों की वजह से इस पर होने वाले अलग-अलग असर को ठीक तरह से अब भी समझा नहीं गया है, खासकर कम और मध्यम आय वाले देशों में।

शोधकर्ताओं ने राष्ट्रीय मानसिक स्वास्थ्य सर्वेक्षण (2015-2016) में शामिल 34,802 वयस्कों में पीएम2.5 घटकों और तनाव एवं अवसाद के बीच संबंधों का अध्ययन किया।

भाषा शफीक सुरेश

सुरेश