उत्तराखंड में निकाय चुनाव को लेकर भले ही तारीखों का ऐलान न हुआ हो, मगर निकायों के अध्यक्ष पदों के लिए आई आरक्षण की अनंतिम सूची ने राजनीतिक माहौल गरमा दिया है। जिसको लेकर अब जुबानी जंग भी शुरू हो गई है। खास बात यह कि जुबानी जंग में विपक्षी पार्टियां नहीं बल्कि एक ही पार्टी के नेता आमने-सामने आ गए हैं।
दरअसल आपको बता दें कि निकाय चुनाव आरक्षण को लेकर कल शासन द्वारा अनंतिम सूची जारी की गई, जिसमें विकासनगर नगरपालिका चेयरमैन पद को अनूसूचित जनजाति आरक्षित किया गया। जिस पर कल भाजपा के तेज तर्रार नेता और विकासनगर विधायक मुन्ना सिंह चौहान ने तीखि प्रतिक्रिया जाहिर करते हुए इसे विकासनगर की भौगोलिक स्थिति को देखते हुए त्रुटिपूर्ण बताया और इसके खिलाफ आपत्ति दर्ज करने व हाईकोर्ट जाने की बात कही।
जिस पर पलटवार करते हुए भाजपा के ही वरिष्ठ नेता और पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष रामशरण नौटियाल ने क्षेत्रीय विधायक द्वारा आरक्षण को लेकर मीडिया को दिए बयान की आलोचना की। इस मामले को लेकर अपनी प्रतिक्रिया जाहिर करते हुए कहा कि उनका यह बयान केवल राजनीतिक लाभ लेने वाला है, जो पछवादून और जौनसार बावर के आपसी सौहार्द को बांटने वाला है। नौटियाल ने मुन्ना सिंह चौहान पर तंज कसते हुए कहा कि अगर उन्हें वाकई आरक्षण से इतना लगाव है तो वह खुद अनारक्षित सीट पर चुनाव क्यों लड़ते हैं उन्हें अपनी आरक्षित सीट पर ही चुनाव लड़ना चाहिए।