उत्तराखंड के मशहूर हिल स्टेशन मसूरी में मॉल रोड पर प्रशासन ने प्रयोग के तौर पर इलेक्ट्रिक गोल्फ कार्ट चलाना शुरू किया है। मकसद है ट्रैफिक की सुविधा बेहतर करना। प्रयोग को लेकर लोगों का रुख मिला-जुला है। होटल कारोबारी इस पहल का स्वागत कर रहे हैं, लेकिन रिक्शा चलाने वालों को अपनी रोजी-रोटी पर खतरा महसूस हो रहा है।
होटल कारोबारियों का मानना है कि इस पहल से गाड़ियों का आना-जाना बेरोकटोक होगा, पर्यावरण प्रदूषण कम होगा और सैलानियों को ज्यादा सुविधा होगी। मसूरी में दशकों से रिक्शा चल रहा है। रिक्शा चलाने वालों को डर है कि प्रशासन की पहल का असर उनकी कमाई पर पड़ेगा। उनका कहना है कि सैलानी पारंपरिक रिक्शों के बजाय आधुनिक गोल्फ कार्ट का विकल्प चुनेंगे, जिससे उन्हें नुकसान होगा।
दूसरी ओर प्रशासन का दावा है कि इस पहल से हिल स्टेशन आने वाले सैलानियों की संख्या बढ़ेगी। रिक्शा चलाने वाले गोल्फ कार्ट के साथ अपना काम कर सकते हैं। उन्हें गोल्फ कार्ट चलाने के लिए प्रशिक्षित भी किया जाएगा, जिससे वे नई पहल का हिस्सा बन सकेंगे।
सैलानियों और आम लोगों को उम्मीद है कि जल्द ही प्रशासन और रिक्शा चलाने वालों के बीच गतिरोध खत्म हो जाएगा और हिल स्टेशन मसूरी के लिए सैलानियों का रुझान बना रहेगा।