केदार घाटी के अधिकांश इलाकों में देर रात से हो रही मूसलाधार बारिश के कारण जनजीवन अस्त - व्यस्त हो गया है। हिमालयी क्षेत्रों में मौसम की पहली बर्फबारी होने से तापमान में गिरावट महसूस होने लगी है। बैमौसमी बारिश के कारण काश्तकारों की आजीविका खासी प्रभावित होने लगी है । क्षेत्र में लगातार हो रही बारिश के कारण आपदा प्रभावितों की मुश्किलें बढ़ने लगी है तथा मन्दाकिनी सहित सहायक नदियों के जल स्तर पर एक बार फिर वृद्धि होने लगी है।