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चारधाम यात्रा के बेहतर प्रबंधन के लिए रास्तों को जोन में बांटा गया, 6,000 से अधिक जवानों की होगी तैनाती

उत्तराखंड के चार प्रसिद्ध हिमालयी मंदिरों की वार्षिक तीर्थयात्रा के बेहतर प्रबंधन के लिए चारधाम यात्रा मार्ग को 15 सुपर जोन, 41 जोन और 137 सेक्टरों में बांटा गया है। गढ़वाल के पुलिस महानिरीक्षक (आईजी) स्वरूप ने शनिवार को कहा कि सुरक्षा और परिवहन व्यवस्था की निगरानी के लिए मार्ग पर 6,000 से अधिक कर्मियों को तैनात किया जाएगा।

यात्रा के लिए नोडल अधिकारी नियुक्त किए गए आईजी स्वरूप ने कहा कि प्रत्येक सेक्टर 10 किलोमीटर के क्षेत्र में फैला होगा, जहां सुरक्षाकर्मी चौबीसों घंटे गश्त करेंगे और अन्य ड्यूटी करेंगे। आईजी ने बताया कि रेंज कार्यालय में पुलिस अधीक्षक (यातायात) लोकजीत सिंह की अध्यक्षता में एक नियंत्रण कक्ष स्थापित किया जा रहा है।

उन्होंने कहा कि वे स्वयं सुरक्षा व्यवस्था, यातायात, भीड़ और आपदा प्रबंधन की तैयारियों की निगरानी करेंगे। 30 अप्रैल को गंगोत्री और यमुनोत्री मंदिर के कपाट खुलने के साथ ही चारधाम यात्रा शुरू होने वाली है। केदारनाथ दो मई और बद्रीनाथ चार मई को खुलेंगे। आईजी ने बताया कि रेंज कार्यालय में यात्रा नियंत्रण कक्ष अगले पांच दिनों में चालू हो जाएगा।

नियंत्रण कक्ष में एक पुलिस उपाधीक्षक, दो निरीक्षक, चार उपनिरीक्षक, एक हेड कांस्टेबल और एक कांस्टेबल के अलावा एक प्रभारी अधिकारी तैनात किए जाएंगे। ये नियंत्रण कक्ष 24x7 काम करेगा। उन्होंने बताया कि अन्य विभागों के साथ समन्वय के लिए नियंत्रण कक्ष में एक विशेष डेस्क भी स्थापित की जाएगी।

इसके अलावा पुलिस मुख्यालय में पुलिस उप महानिरीक्षक (कानून व्यवस्था) धीरेंद्र गुंज्याल के नेतृत्व में अलग से चारधाम सेल का गठन किया जाएगा। यह सेल पूरी यात्रा से जुड़ी जानकारियां जुटाएगी। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक स्तर के अधिकारियों को रूट प्रभारी नियुक्त किया जाएगा। नौ अधिकारी अपने-अपने क्षेत्राधिकार में यात्रा व्यवस्थाओं की देखरेख करेंगे।

चारों मंदिरों में एक-एक पुलिस उपाधीक्षक स्तर के अधिकारी को धाम प्रभारी बनाया गया है। ये अधिकारी मंदिरों में श्रद्धालुओं के लिए सुविधाओं और व्यवस्थाओं की निगरानी करेंगे। रेंज और पुलिस मुख्यालय स्तर से भी सीधी निगरानी की जाएगी।

आईजी स्वरूप ने बताया कि इस साल सीसीटीवी निगरानी का दायरा भी बढ़ाया गया है। कुल सुरक्षा तैनाती में 24 डीएसपी, 66 इंस्पेक्टर, 366 सब इंस्पेक्टर, 615 हेड कांस्टेबल, 1,222 कांस्टेबल, 208 महिला कांस्टेबल, 926 होमगार्ड जवान, 1,049 पीआरडी जवान, प्रांतीय सशस्त्र कांस्टेबुलरी की नौ कंपनियां और राज्य आपदा राहत बल की 26 टीमें शामिल होंगी।

आईजी ने बताया कि यातायात निदेशक ने अपनी टीम के साथ फील्ड निरीक्षण शुरू कर दिया है। उन्होंने बताया कि मार्ग पर यातायात व्यवस्था के लिए ब्लू प्रिंट तैयार कर लिया गया है। ऋषिकेश ट्रांजिट कैंप की तर्ज पर यमुनोत्री-गंगोत्री धामों के तीर्थयात्रियों के ठहरने की व्यवस्था विकासनगर क्षेत्र में एसपी की देखरेख में की जाएगी।

उन्होंने बताया कि चारधाम नियंत्रण कक्ष में पुलिस अधिकारियों व अन्य सहायता टीमों के भोजन, आवास व अन्य सुविधाओं की देखभाल के लिए कल्याण अधिकारी की नियुक्ति की जाएगी।