नंदप्रयाग स्लाइड जोन से मलबा हटाने और विद्युत टावर ठीक कराने के लिए सात जनवरी तक बदरीनाथ हाईवे पर ट्रैफिक बंद रहेगा। नंदप्रयाग से चमोली के बीच यातायात के डायवर्ट होने के कारण बदरीनाथ हाईवे के वाहनों की आवाजाही सैकोट कोठियालसैंण मोटर मार्ग से होगी। नंदप्रयाग में हाईवे से मलबा हटाने को लेकर राष्ट्रीय राजमार्ग और अवसंरचना विकास निगम लिमिटेड (एनएचआइडीसीएल) ने जिला प्रशासन से छह जनवरी तक का समय मांगा है। इस पर जिला मजिस्ट्रेट ने नंदप्रयाग स्लाइड जोन से मलबा हटाने के लिए 18 दिसंबर से सात जनवरी तक यातायात डायवर्ट करने की अनुमति प्रदान की है।
बदरीनाथ राष्ट्रीय राजमार्ग पर नंदप्रयाग में भूस्खलन का भारी मलबा अभी भी हाईवे पर पड़ा है। यहां पिछले चार महीनों से किसी तरह से वनवे यातायात की अस्थायी व्यवस्था बनाई गई है। इससे तीर्थयात्रियों, पर्यटकों और स्थानीय लोगों को हर रोज मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। अब जिला मजिस्ट्रेट ने नंदप्रयाग कोठियासैंण चमोली मोटर मार्ग से यातायात को व्यवस्थित ढंग से संचालित करने के निर्देश जारी किए हैं। साथ ही नंदप्रयाग स्लाइड जोन पर खतरे की जद में आ चुके विद्युत हाईटेंशन लाइन के टावर के उपचार के लिए भी जरूरी कदम उठाने के लिए कहा है।
जिला मजिस्ट्रेट ने पुलिस अधीक्षक व एसडीएम चमोली को नंदप्रयाग कोठियासैंण चमोली मोटर मार्ग से यातायात को संचालित कराने के लिए समुचित व्यवस्थाएं करने को कहा है, ताकि इस अवधि में डायवर्ट रूट पर किसी तरह की समस्या न हो। बता दें कि नंदप्रयाग के परथाडीप में भारी भूस्खलन के चलते सौ मीटर क्षेत्र में वाहनों की आवाजाही के लिए पुलिस को दिनभर पसीना बहाना पड़ रहा है। इस भूस्खलन जोन में वाहनों की बारी-बारी से आवाजाही कराई जा रही है। पहाड़ी से पत्थर गिरने का भी खतरा बना हुआ है।
तराई में ठंड बढ़ने के साथ ही कोहरे के चलते सड़क हादसों का खतरा भी बढ़ जाता है। ऐसे में सड़क हादसों को कम करने को लेकर एआरटीओ ने वाहनों पर रेडियम टेप लगाने का अभियान शुरू किया है। इसके साथ ही लोगों को यातायात के नियमों के लिए जागरूक किया जाएगा। सर्दी के मौसम में कोहरे की धुंध की सफेद चादर सी छा जाती है। इस दौरान वाहनों को चलाने में काफी दिक्कत का सामना करना पड़ता है। इसके चलते दुर्घटनाओं का खतरा भी कई गुना बढ़ जाता है। एआरटीओ प्रवर्तन जितेंद्र चंद्र ने बताया कि फिटनेस के समय रेडियम के स्टीकर लगाए जाते हैं। कोहरे में इन स्टीकरों का दुर्घटना रोकने के लिए विशेष प्रभाव देखने को मिलता है। इसी के चलते वाहनों में रेडियम स्टीकर लगाने को लेकर अभियान चलाया गया है। उन्होंने बताया कि एक सप्ताह तक शहर में रेडियम स्टीकर लगाए जाएंगे। मंगलवार को 30 से अधिक वाहनों में रेडियम स्टीकर लगाए गए। अभियान समाप्त होने के बाद बिना रेडियम स्टीकर वाले वाहनों के विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी।