उत्तराखंड के मशहूर कॉर्बेट बाघ अभयारण्य के पास रामनगर वन प्रभाग है। यहां फेज फोर प्रक्रिया से बाघों की गिनती की जा रही है। ये भारत में बाघों की गिनती की सबसे नई तकनीक है। बाघों की गिनती के लिए 480 वर्ग किलोमीटर में फैले जंगल में 350 कैमरों का इस्तेमाल होगा। पहले इस वन प्रभाग में 67 बाघों की मौजूदगी दर्ज की गई थी। उम्मीद है कि इस बार गिनती में उनकी संख्या बढ़ी हुई मिलेगी।
गिनती के पहले चरण में तीन रेंज में 220 कैमरे लगाने की योजना है- कोसी, कोटा और देचोरी में। दूसरे चरण में कालाढूंगी और फतेहपुर रेंज में 65 जगहों पर 130 और कैमरे लगाए जाएंगे। उम्मीद है कि मार्च के अंत तक गिनती के नतीजे आ जाएंगे।