उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने रविवार को कहा कि समान नागरिक संहिता (यूसीसी) लिंग, धर्म और जाति के परे सबके लिए समान कानून और संवैधानिक समाधान का प्रवधान करता है।
उत्तर प्रदेश के गजरौला में आयोजित कार्यक्रम को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा, "अगर मैं एक वाक्य में कहूं तो समान नागरिक संहिता जाति, धर्म और लिंग आदि में अंतर के आधार पर कानूनी मामले में होने वाले भेदभाव को खत्म करने का एक संवैधानिक उपाय है। यूसीसी के लागू होने से न केवल राज्य के सभी नागरिकों को समान अधिकार प्राप्त हुए हैं, बल्कि प्रदेश में महिला सशक्तिकरण के एक नए अध्याय की भी शुरूआत हुई है क्योंकि यूसीसी के माध्यम से उत्तराखंड की तमाम मुस्लिम बहनों को जो तमाम कुरीतियां का है, उनका सामना नहीं करना पड़ेगा। हलाला का सामना नहीं करना पड़ेगा, इद्दत का सामना नहीं करना पड़ेगा। बहु विवाह, बाल विवाह और तीन तलाक जैसी कुरीतियों से मुक्ति मिलेगी।"