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मेरठ पहुंचे स्वामी कैलाशानंद गिरी, बोले- परिवारों में हों 3 बच्चे..एक देश, एक परिवार और एक धर्म रक्षा में जाए

मेरठ पहुंचे स्वामी कैलाशानंद गिरी ने कहा कि महाकुंभ को लेकर पीएम मोदी की महाप्रतिज्ञा सराहनीय है। वो सफल होगी। दुनियाभर के संत और 13 अखाड़ों से अलग सभी संत, सन्यासी, साधु कुंभ में आकर निवास करना चाहते हैं। करोड़ों साधु इसमें स्नान करेंगे। यह पीएम का शाश्वत संकल्प है इसे साधु, संत भी साकार करेंगे। कुंभ में अराजक तत्वों का प्रवेश वर्जित हो ताकि कुंभ में किसी भी प्रकार की दुघर्टना घट सकती है। यह बात हमने शासन के सामने भी रखी है। कुंभ में जो काम करने वाले हैं वो गैर सनातनी न हों। कारीगरों के रूप में अराजक तत्व कुँभ में कोई दुघर्टना कर सकते हैं। ऐसे लोगों से कुंभ को सुरक्षित किया जाए।

कहा कि अराजक तत्व के लोग जो संदेह के दायरे में हैं उनका प्रवेश वर्जित होना चाहिए। कुंभ में हमारे लोग कल्पवास करते हैं उनके भोजन इत्यादि में अपवित्रता न हो यह ध्यान देना होगा। कुँभ गैर सनातनियों का नहीं बल्कि सनातनियों का है। कुंभ में आने का अधिकार केवल सनातनियों का है। लेकिन काम करने वाले सभी लोग सनातनी नहीं है। लेकिन उनको भी पवित्रता के दायरे में रहना होगा। 

कायदे से रहेंगे तो ही उन्हें कुंभ में एंट्री मिलेगी नहीं तो योगी जी हैं। किन्नर अखाड़ा चूंकि जूना अखाड़ा से संबंद्ध है उन्हें अखाड़े का दर्जा नहीं है। उसी अखाड़े के माध्यम से उन्हें प्रवेश मिलता है जमीन मिलती है। जूना अखाड़ा के प्रमुख लगातार साधुसंतों के हित के लिए काम करते आ रहे हैं। उन्होंने किन्नर अखाड़े को अपने अखाड़े में मिलाया है उसे अलग से अखाड़े का दर्जा नहीं दिया है। जो भी व्यक्ति धर्म का प्रचार करना चाहता है वो करे इसमें कोई आपत्ति नहीं है। अगर किन्नर अखाड़े के कुछ लोग परंपरा के विरुदध कार्य करता है तो उस पर तुरंत एक्शन होता है।

अगर धर्मस्थल के मामलों को कोर्ट में नहीं सुना जाएगा तो इनके लिए अलग से न्यायपालिका बनाए जाए। कोर्ट में तो जाना ही होगा क्योंकि बहुत से धर्मस्थलों के अपने तमाम मामले रहते हैं। जो कोर्ट में भेजे जाते हैं तमाम कानूनी मामले होते हैं। मैं सु्प्रीम कोर्ट से जरूर कहूंगा कि सुप्रीम कोर्ट एक टीम बनाकर ऐसे धर्मस्थलों का सर्वे कराए। अन्यथा इन मामलों को कहां सुना जाएगा।

असदुद्दीन ओवेसी का बयान ही विवादास्पद रहता है। वो सांसद है चुनकर आए हैं तो न्याय, संविधान को मानना ही पड़ेगा। मेरे बयान में कही टिप्पणी अगर विवादित है तो मुझे उसमें क्षमा माननी चाहिए। मुझे देश के संविधान और न्याय का भी ध्यान रहना होगा। कहा कि निचली अदालतें खत्म कर देना चाहिए जहां छोटे मुकदमे सुने जाते हैं। जिसके जरिए हम अपने आश्रमों, मठों को बचाते हैं। हम अपने मामले लेकर कोर्ट में न जाएं तो कहां जाए। संभल हरिमंदिर का सर्वे ही तो हो रहा था। वो सभी अफसर थे। मंदिर को छीना थोड़े जा रहा था। सुप्रीम कोर्ट ऐसी टीम या बेंच बना दे जहां मंदिरों, मठों के मामले सुने जाएं। कहा कि सर्वे जरूर होना चाहिए। सर्वे नहीं होगा तो कैसे सिद्ध होगा कि यह स्थान प्रमाणित है या नहीं है। 

बच्चों की संख्या का नियम सभी के लिए एक समान होना चाहिए। जो भी भारत में रहने वाले लोग हैं सभी के लिए समान कानून होना चाहिए चाहे वो दो बच्चे का हो या तीन बच्चे का हो। मुझे लगता है कि कम से कम दो और ज्यादा होना चाहिए।  एक राष्ट्ररक्षा, एक परिवार रक्षा और एक धर्म रक्षा में चला जाए। 

वहीं उन्होंने कहा कि आजकल जो विवाह हो रहे हैं उसमें बहुत समझदारी दिखाना चाहिए। सोशल मीडिया के कारण आज विवाह संबंधों में टकराव हो रहा है। जल्दीबाजी से बचकर थोड़ा ध्यान रखकर विवाह होना चाहिए।