Breaking News

9/11 हमले के 25 साल, मृतकों को श्रद्धांजलि, पीड़ित परिवारों के साथ खड़े: PM मोदी     |   ‘आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में भारत सबसे आगे’, 9/11 हमले की बरसी पर बोले PM मोदी     |   महेश बाबू, राजामौली, VVS लक्ष्मण, साइना नेहवाल को SIR प्रक्रिया के तहत नोटिस जारी     |   UP के सीएम योगी आदित्यनाथ ने गड्ढा-मुक्त सड़कों को लेकर लखनऊ में बैठक की     |   BRICS Summit के लिए दिल्ली पहुंचे पुतिन, पालम एअरपोर्ट पर उतरा राष्ट्रपति का विमान     |  

मेरठ: पुलिस पर भड़के राज्यमंत्री दिनेश खटीक, डीजे को लेकर दलितों-मुस्लिमों में हुआ था पथराव

मेरठ के रसूलपुर में अनुसूचित जाति की घुड़चढ़ी के दौरान हुए पथराव, बवाल मामले में राज्यमंत्री दिनेश खटीक पीड़ितों से मिलने पहुंचे। दिनेश खटीक ने पीड़ितों से मिलकर उनका हाल जाना। फोन पर पुलिस अफसरों से बात करते हुए दिनेश खटीक ने थानेदार से कहा ये मत समझो दलितों के हाथ बंधे हैं। ये कुछ भी कर सकते हैं। लेकिन ये कानून, संविधान को मानने वाले लोग हैं। इसलिए कानून से खिलवाड़ नहीं करते।राज्यमंत्री ने एसओ फलावदा राजेश कांबोज को फोन पर काफी डांटा। कहा क्या थानेदार साहब आपके थाना क्षेत्र में दलितों को रहने का अधिकार नहीं, पत्थर बरसाए गए घर में आकर हमला किया, वो लोग वीडियो बना रहे थे, क्या आप समझ रहें हैं इनके हाथ बंधे हैं, ये कानून से खिलवाड़ करने वाले नहीं हैं, अगर ये अपनी पर आ गए तो कुछ नहीं बचेगा। 

आपको बता दे दिनश खटीक ने कहा ये मेरा परिवार है, इसे डराया जा रहा है मैं मुख्यमंत्री से बात करूंगा। आप ये समझ रहे हैं कि हाथ बंधे हैं, बंधे नहीं हैं इनके हाथ, ये केवल संविधान को मानने वाले और कानून से खिलवाड़ न करने वाले लोग हैं। मैंने एडीजी से बात की है अब मुख्यमंत्री से भी बात करुंगा। मैं किसी भी हद तक जाऊंगा, किसी से दबने की जरूरत नहीं है। कानून के दायरे में रहकर हम न्याय दिलाएंगे, यहां विशेष संप्रदाय के लोग आकर लोगों को धमकाएंगे ये हम होने नहीं देंगे। दिनेश खटीक ने एडीजी डीके ठाकुर को फोन किया कहा मैं रसूलपुर आया हूं बहुत, भयानक मंजर है, क्या दलित यहां से छोड़कर चले जाएं, दूसरे संप्रदाय के लोग वीडियो बनाने लगे, मना किया तो पथराव किया, तीसरी घटना है ये, सख्त एक्शन लीजिएगा। 

वहीं जलशक्ति राज्यमंत्री दिनेश खटीक पीड़ितों से मिलने उनके घर और अस्पताल में गए। पीड़ितों ने कहा कि पुलिस ने मुकदमे से मुस्लिमों के नाम हटाए हैं। इनके घरों में ईंट, पत्थर हमेशा रखे रहते हैं। हमारा यहां रहना मुश्किल हो गया है। पीड़ितों ने कहा यह तीसरी बार है जब ऐसी घटना हुई है।