लखनऊ की पर्वतारोही पूर्वा धवन ने उत्तराखंड की 5,826 मीटर ऊंची रुद्रगैरा चोटी पर भारतीय तिरंगा फहराकर प्रदेश का गौरव बढ़ाया है। पूर्वा ने 10 सितंबर 2026 को दोपहर 12:30 बजे चोटी पर पहुंचकर यह उपलब्धि हासिल की। बर्फीले और चट्टानी रास्तों, कम ऑक्सीजन और बेहद चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों के बावजूद उन्होंने अपने अभियान को सफलतापूर्वक पूरा किया। अब पूर्वा का अगला लक्ष्य दुनिया की सबसे ऊंची चोटी माउंट एवरेस्ट को फतह करना है। वह एवरेस्ट पर तिरंगा फहराने के साथ महिला सशक्तीकरण, युवाओं को प्रेरित करने और स्वच्छ हिमालय का संदेश पहुंचाना चाहती हैं।

सीएम योगी से मुलाकात ने बढ़ाया हौसला
पूर्वा मई 2018 में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मुलाकात कर उन्हें ‘बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ’ का बैनर सौंप चुकी हैं। उस दौरान सीएम योगी ने उन्हें शुभकामनाएं देते हुए उनका हौसला बढ़ाया था। पूर्वा ने रुद्रगैरा अभियान की सफलता का श्रेय अपने परिवार के सहयोग और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मिले प्रोत्साहन को दिया है। इस अभियान में शैलेश सेमवाल और बिहारी सिंह राणा की भी अहम भूमिका रही। दोनों ने गंगोत्री में पूर्वा को विशेष प्रशिक्षण दिया।
गंगोत्री से शुरू हुआ मुश्किल सफर

पूर्वा ने शैलेश सेमवाल और बिहारी सिंह राणा के साथ 7 सितंबर को सुबह 9 बजे गंगोत्री से ट्रेकिंग शुरू की। करीब दो दिन की कठिन यात्रा के बाद टीम 4,350 मीटर की ऊंचाई पर स्थित रुद्रगैरा बेस कैंप पहुंची। इसके बाद 10 सितंबर को सुबह 4 बजे बेस कैंप से समिट पुश शुरू किया गया। करीब 8 घंटे 30 मिनट की कठिन चढ़ाई के दौरान टीम ने लगभग 1,300 मीटर की ऊंचाई तय की और दोपहर 12:30 बजे 5,826 मीटर ऊंची रुद्रगैरा चोटी पर पहुंची।
रास्ते में खड़ी बर्फ, चट्टानी हिस्से और खुले व मुश्किल सेक्शन थे। ऊंचाई बढ़ने के साथ ऑक्सीजन की कमी और शारीरिक थकान ने चुनौती और बढ़ा दी, लेकिन टीम ने हिम्मत नहीं छोड़ी। पूर्वा ने अपने पर्वतारोहण अभियान को पर्यावरण संरक्षण से भी जोड़ा है। ‘पीक्स एंड प्लास्टिक’ पहल के जरिए वह पर्वतीय क्षेत्रों में प्लास्टिक कचरे को लेकर लोगों को जागरूक कर रही हैं और जिम्मेदार पर्वतारोहण का संदेश दे रही हैं।

पूर्वा का मानना है कि हिमालय की चोटियों पर तिरंगा फहराना जितना गौरव की बात है, उतना ही जरूरी इन पहाड़ों को स्वच्छ और सुरक्षित रखना भी है। रुद्रगैरा फतह करने के बाद अब पूर्वा की नजर 8,848.86 मीटर ऊंचे माउंट एवरेस्ट पर है। वह एवरेस्ट पर भारतीय तिरंगा फहराकर देश का नाम रोशन करने के साथ महिला सशक्तीकरण, युवा प्रेरणा और स्वच्छ हिमालय का संदेश दुनिया तक पहुंचाना चाहती हैं।