उत्तर प्रदेश में लोकसभा चुनाव 2024 के नतीजे के बाद भाजपा में उथल-पुथल मची हुई है और अब उपचुनावों को लेकर पूरी तैयारी में पार्टी जुट गई है। इस उथल-पुथल को देखकर लग रहा है कि भारतीय जनता पार्टी में सब कुछ ठीक नहीं चल रहा हैं।
लोकसभा चुनाव के नतीजे के बाद से उत्तर प्रदेश बीजेपी में घमासान मचा हैं। 48 घंटे के भीतर जेपी नड्डा से केशव प्रसाद मौर्य की दूसरी मुलाकात चर्चा में है। कई तरह की अटकलें लगाई जा रही है। दिल्ली में सियासी हलचल तब तेज हो गई जब यूपी के डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य और प्रदेश अध्यक्ष भूपेंद्र चौधरी बीजेपी मुख्यालय पहुंचे।
बीजेपी पार्टी लोकसभा चुनावों में अपने खराब प्रदर्शन के बाद अपनी रणनीति पर काम कर रही है। बैठक के बाद बीजेपी मुख्यालय से बाहर निकलते वक्त केशव प्रसाद मौर्य ने मीडिया से बात करने से परहेज किया। बता दें कि केशव मौर्य और योगी आदित्यनाथ के बीच के रिश्तों में खटास की चर्चा लंबे वक्त से चल रही है।
कुछ ही दिन पहले बीजेपी की कार्यकारिणी बैठक में डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य ने संगठन को सरकार से बड़ा बताया, उसके बाद कार्यकर्ता कहा। इसके बाद अब दिल्ली पहुंचकर जेपी नड्डा से मुलाकात की। लगता है कि उत्तर प्रदेश भाजपा में कुछ बड़ा होने वाला है।
अब इन सब चर्चाओं के बीच यह कयास लगाए जा रहे हैं कि यूपी उपचुनाव से पहले भाजपा संगठन में बदलाव देख सकता हैं, वहीं यह भी कहा जा रहा है कि डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य को अप बीजेपी की कमान मिल भी सकती है और इसकी वजह भी है, क्योंकि 2017 में जब भारतीय जनता पार्टी उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव जीत कराई थी, तब केशव प्रसाद मौर्य ही भाजपा के अध्यक्ष थे और उनकी पार्टी में पकड़ भी मजबूत रही है।