उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा पूर्व केंद्रीय मंत्री डॉ. संजीव बालियान की सुरक्षा वापस लेने के फैसले ने जाट समुदाय में गहरी नाराजगी पैदा कर दी है। अंतर्राष्ट्रीय जाट संसद के राष्ट्रीय अध्यक्ष रामावतार पलसानिया ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को पत्र लिखकर इस फैसले पर कड़ी आपत्ति जताई है।
जहां पलसानिया ने आरोप लगाया कि योगी सरकार जाट समुदाय के साथ भेदभाव कर रही है। उन्होंने कहा कि जहां राजपूत समुदाय के पूर्व विधायकों और सांसदों को सुरक्षा प्रदान की गई है, वहीं एक पूर्व केंद्रीय मंत्री की सुरक्षा हटा ली गई है।
आपको बता दे अंतर्राष्ट्रीय जाट संसद के उत्तर प्रदेश अध्यक्ष मनु चौधरी 'दांतल' ने इस कदम को राजनीतिक द्वेष से प्रेरित बताया। उन्होंने कहा कि पश्चिमी उत्तर प्रदेश में ऐसे कई लोगों को सुरक्षा दी गई है, जिन्हें वास्तव में इसकी जरूरत नहीं है। जाट नेताओं ने चेतावनी दी कि अगर यह फैसला राजनीतिक कारणों से लिया गया है, तो समाज इसे बर्दाश्त नहीं करेगा।
वही जाट समाज के नेताओं ने स्पष्ट किया कि डॉ. बालियान की सुरक्षा की जिम्मेदारी अब समाज खुद उठाएगा। उन्होंने इस बात पर भी नाराजगी जताई कि भाजपा के लिए काम करने वाले जाट नेताओं के साथ इस तरह का व्यवहार किया जा रहा है।