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कहीं मंदिर निकले तो वहां नेतागिरी करने न जाएं, जया बच्चन के बयान पर बोले लक्ष्मीकांत वाजपेयी

मेरठ में भाजपा के राज्यसभा सदस्य और पूर्व प्रदेश अध्यक्ष लक्ष्मीकांत वाजपेयी ने मेरठ महोत्सव में पहुंचे। इस दौरान उन्होंने कहा कि अगर कहीं मंदिर निकल गया है तो कृपा करके उस मोहल्ले के, उस क्षेत्र के, उस शहर के लोग जाए। बाकी बाहर के लोगों को नेतागिरी करने के लिए उस स्थान पर नहीं जाना चाहिए।

आपको बता दे लक्ष्मीकांत वाजपेयी ने मोहन भागवत के बयान पर की हर मस्जिद में मंदिर नहीं खोजना चाहिए पर लक्ष्मीकांत वाजपेई ने कहा कि बिल्कुल नहीं खोजना चाहिए राम मंदिर के बाद भी उनका यह मत था की राम का मंदिर हमने बना लिया है और किसी विषय पर हमें आगे नहीं बढ़ना चाहिए और हमारा ध्यान अब आगे विकास की ओर होना चाहिए। भगवान तो दिल में बसते हैं बिल्कुल नहीं होना चाहिए। आज देश 2047 में विकसित भारत बनने की तरफ अक्सर है आज देश 2027 से पहले तीसरी आर्थिक शक्ति बनने की ओर अग्रसर है। ऐसी स्थिति में इस प्रकार के विषयों का कोई स्थान नहीं है और मेरा यह कहना है अगर कहीं मंदिर निकल गया है तो कृपा करके उस मोहल्ले के, उस क्षेत्र के, उस शहर के लोग जाए। बाकी बाहर के लोगों को नेतागिरी करने के लिए उस स्थान पर नहीं जाना चाहिए।

इसके बाद जया बच्चन ने बीजेपी के सांसदों की चोट पर कहा था कि इन्हें ऑस्कर अवार्ड मिलना चाहिए जिस पर लक्ष्मीकांत वाजपेई ने कहा कि आदरणीय बहन जया बच्चन जिंदगी भर फिल्म इंडस्ट्री में रही है तो उन्हें बिल्ली को सपने में चिछड़े ही नजर आते हैं ऐसे ही उनको दिखता है कि हर व्यक्ति नाटक कर रहा है।

लक्ष्मीकांत वाजपेयी ने आगे कहा कि संसद में हुई घटना पर कहा कि दुर्भाग्यपूर्ण स्थिति इस बार लोकसभा और राज्यसभा में थी। इतना खर्च करने के बाद भी देश की जनता के अमूल्य पैसे को खर्च करने के बाद भी जनप्रतिनिधियो का जो आचरण वहां था वह कहीं ना कहीं कठिनाई भरा हुआ था। यहां की कोई स्थिति तय करनी पड़ेगी विरोध करना है तो विरोध करें, 5 मिनट,10 मिनट और हल्ला करें और उसके बाद चले जाएं । शेष को चलने दे। वहां इस तरीके से नहीं करना चाहिए। 

वही इस दौरान उन्होंने महोत्सव पर कहा कि जो आयोजन जिला प्रशासन और उनकी टीम ने किया है निश्चित तौर पर बधाई के वह पात्र हैं। जिलाधिकारी मेरठ और उनकी टीम को मैं हार्दिक बधाई धन्यवाद और साधुवाद देता हूं। उत्तर प्रदेश के 75 जिलों की ओडीओपी के प्रोडक्ट यहां पर प्रदर्शित किए जाएंगे और प्रतिदिन को सांस्कृतिक कार्यक्रम भी किए जाएंगे। मै कार्यक्रम पर बधाई दता हूं।मेरठ प्रशासन ने मेरठ की सांस्कृतिक धरोहर मेरठ के औद्योगिक धरोहर मेरठ की व्यापारिक धरोहर को मेरठ महोत्सव के माध्यम से जनता के सामने लाने का काम किया है। निश्चित तौर पर यह मेरठ के लिए एक मील का पत्थर साबित होगा।