मेरठ में भाजपा मंडल अध्यक्षों के लिए चुनाव प्रक्रिया आज गुरुवार से शुरू हो गई है। सुबह से नामांकन स्थलों पर भाजपाई पहुंच रहे हैं। गुटबाजी और आपसी मतभेदों की खाई को पाटने के लिए पार्टी ने इस बार नामांकन के साथ नामवापसी कराने का तरीका निकाला है। ताकि बात आगे न बढ़े। जब प्रत्याशी नामांकन पत्र लेने पहुंचे तो वहीं आपसी सहमति बन जाए।
नामांकन वापसी भी वहीं के वहीं हो जाए और बात चुनाव में आगे तक न बढ़े। कुल मिलाकर बीजेपी अपने इस कदम के जरिए सहमति का संदेश प्रसारित करना चाहती है। इसके लिए आपसी मानमनौव्वल भी खूब हो रहा है। महानगर में आज गुरुवार से और देहात में शुक्रवार से मंडलों के चुनाव प्रक्रिया शुरू होगी।
आपको बता दे पार्टी दरअसल गुटबाजी से दूर रहकर निर्विरोध निर्वाचन कराना चाहती है। ताकि कार्यकर्ताओं के मन में आपसी खटास कम से कम हो। इसलिए कार्यकर्ताओं को संदेश दिया गया है कि जब नामांकन पत्र लोगे वहीं बातचीत करके एकराय हो जाएं,नामांकन वापसी का पत्र भी साथ ही ले लें। वहीं अपना नामांकन भी रद्द करा दें। ताकि मतदान की स्थिति ही न बने। मतदान नहीं सहमति से अध्यक्ष बनाने का संदेश दिया जा रहा है।
जहां शहर में चार, कैंट में छह और दक्षिण छह मंडल हैं। 35 से 45 साल के उम्र के मंडल अध्यक्ष बनाए जाएंगे। दो बार के अध्यक्ष रह चुके हटाए जाएंगे। एक महिला अनिवार्य रूप से किसी मंडल की अध्यक्ष बनाई जाएगी। इन समीकरण के कारण 16 में से 10 अध्यक्ष बदल दिए जाएंगे। कैंट से लगभग पांच, शहर में एक और दक्षिण में कम से कम दो बदले जाएंगे।
वहीं मेरठ सह संगठन चुनाव अधिकारी गजेंद्र शर्मा और राखी त्यागी ने पार्टी का निर्देश समझाया। चुनाव अधिकारियों को चुनाव प्रक्रिया के संचालन के लिए चुनाव किट वितरित की गई। नामांकन पत्रों को जमा करने व पत्रों की जांच के लिए समय सारिणी भी दी गई है। नामांकन पत्र लेने की प्रक्रिया सुबह 10 बजे से शुरू होगी। नरेंद्र उपाध्याय, अमित शर्मा उपस्थित रहे।