मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में मंगलवार को हुई कैबिनेट बैठक में प्रांतीय रक्षक दल (पीआरडी) के स्वयंसेवकों के लिए दो अहम फैसलों को मंजूरी दी गई। सरकार ने पीआरडी स्वयंसेवकों का दैनिक ड्यूटी भत्ता 500 रुपये से बढ़ाकर 600 रुपये प्रतिदिन कर दिया है। इसके साथ ही स्वयंसेवकों और उनके आश्रित परिवारों को कैशलेस इलाज की सुविधा देने के लिए मुख्यमंत्री पीआरडी कैशलेस चिकित्सा योजना को भी मंजूरी दी गई है।
30 दिन की ड्यूटी पर हर महीने 3 हजार रुपये ज्यादा
ड्यूटी भत्ता बढ़ने से 30 दिन ड्यूटी करने वाले पीआरडी स्वयंसेवक के मानदेय में सीधे 3,000 रुपये प्रतिमाह की बढ़ोतरी होगी। इस फैसले से प्रदेश के 27,794 पीआरडी स्वयंसेवकों को लाभ मिलेगा। वित्त एवं संसदीय कार्य मंत्री सुरेश कुमार खन्ना के मुताबिक, भत्ते में बढ़ोतरी से राज्य सरकार पर हर साल 101.44 करोड़ रुपये का अतिरिक्त वित्तीय भार आएगा। इसके बाद पीआरडी स्वयंसेवकों पर कुल अनुमानित वार्षिक खर्च 608 करोड़ 68 लाख 86 हजार रुपये हो जाएगा। वित्तीय वर्ष 2026-27 के बचे हुए महीनों के लिए अनुपूरक अनुदान से 45 करोड़ रुपये की तत्काल व्यवस्था की गई है।
31,130 पंजीकृत स्वयंसेवकों और आश्रितों को कैशलेस इलाज
कैबिनेट ने पीआरडी स्वयंसेवकों और उनके आश्रित परिवार के सदस्यों को कैशलेस चिकित्सा सुविधा देने के प्रस्ताव को भी मंजूरी दी है। वर्तमान में पंजीकृत 31,130 पीआरडी स्वयंसेवकों और उनके आश्रितों को इस योजना का लाभ मिलेगा।
योजना के तहत प्रति स्वयंसेवक 3,000 रुपये सालाना प्रीमियम की दर से करीब 9.34 करोड़ रुपये का वार्षिक खर्च अनुमानित है। वित्तीय वर्ष 2026-27 के बचे हुए महीनों के लिए अनुपूरक अनुदान से 5 करोड़ रुपये की व्यवस्था की गई है।
साचीज के जरिए लागू होगी कैशलेस चिकित्सा योजना
मुख्यमंत्री पीआरडी कैशलेस चिकित्सा योजना का संचालन स्टेट एजेंसी फॉर कॉम्प्रिहेन्सिव हेल्थ इंटीग्रेटेड सर्विसेज (साचीज) के माध्यम से किया जाएगा। योजना का लाभ स्वयंसेवकों और उनके आश्रितों को उनकी सेवा अवधि के दौरान मिलेगा।
हालांकि, ऐसे स्वयंसेवक या आश्रित जो पहले से आयुष्मान भारत-प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना या मुख्यमंत्री जन आरोग्य अभियान जैसी केंद्र या राज्य सरकार द्वारा संचालित किसी अन्य स्वास्थ्य योजना के तहत कवर हैं, उन्हें इस योजना में शामिल नहीं किया जाएगा।