Artificial Intelligence: कृत्रिम बुद्धिमत्ता, यानी एआई वैसी मशीनें हैं, जिन्हें इंसानी बुद्धि की नकल करने के लिए डिजाइन किया गया है। हर काम के लिए अलग-अलग प्रोग्राम करने के बजाय, एआई सिस्टम में विशाल डेटा होता है। ये आंकड़े पैटर्न पहचानते हैं और पूर्वानुमान लगाते हैं। समय के साथ इनकी क्षमता बेहतर होती है। अब एआई भाषाओं को भी समझ सकता है, तस्वीरों को पहचान सकता है, समस्याओं को हल कर सकता है और यहां तक कि टेक्स्ट, संगीत और वीडियो भी बना सकता है।
लार्ज लैंग्वेज मॉडल्स, यानी एलएलएम विशाल डेटासेट पर प्रशिक्षित कृत्रिम बुद्धिमत्ता प्रणालियां होती हैं, जो इंसानों की भाषा को समझती हैं और लिख-बोल सकती हैं। ये चैटबॉट, लिखने के उपकरण और खोज जैसे क्रियाकलाप को बेहतर बनाती हैं, क्योंकि ये शब्दों के क्रम से अगले शब्द का खुद अनुमान लगाती हैं। जेनरेटिव एआई एक कदम आगे बढ़कर इस्तेमाल करने वालों के निर्देशों के आधार पर रिपोर्ट, कोड, संगीत, तस्वीरें और यहां तक कि वीडियो भी तैयार करता है।
एआई का वास्तविक असर इसके उपयोग में दिखता है - बैंकिंग में धोखाधड़ी का पता लगाना, व्यक्तिगत ओटीटी देना, खेती और स्वास्थ्य देखभाल करना आदि। ये प्रणालियां एल्गोरिद्म पर आधारित होती हैं, जो डेटा को संसाधित करने और फैसले करने वाले गणितीय नियम हैं। एआई में सुरक्षा उपायों के भी संयोजन होते हैं, जो नुकसानदेह या पक्षपात से भरे नतीजों पर लगाम कसते हैं और प्रणालियों को नियमों और इंसानी मूल्यों के अनुरूप रखते हैं।