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उत्तराखंड: CM धामी ने 187 चयनित अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र सौंपे, बोले- ईमानदारी और जनसेवा को दें प्राथमिकता

उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शुक्रवार को मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय स्थित मुख्य सेवक सदन में आयोजित कार्यक्रम के दौरान उत्तराखंड लोक सेवा आयोग (UKPSC) पीसीएस मुख्य परीक्षा-2024 के माध्यम से चयनित 182 अभ्यर्थियों और कृषि एवं किसान कल्याण विभाग में पर्सनल असिस्टेंट पद पर चयनित 5 अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र वितरित किए।

मुख्यमंत्री ने चयनित अभ्यर्थियों को बधाई देते हुए कहा कि नियुक्ति पत्र केवल सरकारी नौकरी में प्रवेश का दस्तावेज नहीं है, बल्कि उत्तराखंड के 1.25 करोड़ लोगों के विश्वास, अपेक्षाओं और जनसेवा के दायित्व का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि किसी अधिकारी की असली पहचान उसके पद से नहीं, बल्कि उसकी कार्यशैली, संवेदनशीलता और जनता के प्रति समर्पण से होती है।

धामी ने बताया कि उत्तराखंड पीसीएस मुख्य परीक्षा-2024 के लिए करीब 1.5 लाख अभ्यर्थियों ने आवेदन किया था। इनमें से 71 हजार से अधिक उम्मीदवार परीक्षा में शामिल हुए, लेकिन केवल 182 अभ्यर्थियों का चयन हुआ। उन्होंने इसे चयनित युवाओं की प्रतिभा, मेहनत और अनुशासन का परिणाम बताया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि लोकतंत्र में सरकारी पद का अर्थ अधिकार जताना नहीं, बल्कि जनता की सेवा करना है। उन्होंने अधिकारियों से अपील की कि वे सरकारी योजनाओं का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पारदर्शिता, दक्षता और संवेदनशीलता के साथ पहुंचाएं। उन्होंने कहा कि दूर-दराज के क्षेत्रों से सरकारी दफ्तर आने वाले हर नागरिक को सम्मान, विश्वास और समय पर शिकायतों का समाधान मिलना चाहिए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने भर्ती परीक्षाओं में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए देश के सबसे सख्त नकल विरोधी कानून को लागू किया है। इससे भर्ती प्रक्रिया में युवाओं का विश्वास काफी मजबूत हुआ है। उन्होंने बताया कि पिछले साढ़े चार वर्षों में सरकार ने 34 हजार से अधिक युवाओं को निष्पक्ष और पारदर्शी प्रक्रिया के तहत सरकारी नौकरियां दी हैं। आज 187 और युवाओं को नियुक्ति मिलने से सरकार का युवा सशक्तिकरण का संकल्प और मजबूत हुआ है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का लक्ष्य राज्य के हर युवा को उसकी प्रतिभा और क्षमता के अनुसार रोजगार के अवसर उपलब्ध कराना है, ताकि उन्हें नौकरी के लिए राज्य से बाहर न जाना पड़े। उन्होंने कहा कि सरकार उत्तराखंड के जल संसाधनों और युवाओं को राज्य की सबसे बड़ी ताकत बनाने की दिशा में लगातार काम कर रही है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विजन का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि केदारनाथ की पावन भूमि से प्रधानमंत्री ने 21वीं सदी के तीसरे दशक को उत्तराखंड का दशक बताया था। उन्होंने कहा कि इस सपने को साकार करने में नव नियुक्त अधिकारियों की अहम भूमिका होगी।

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से संविधान, कानून के शासन और जनहित को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए ईमानदारी, निष्पक्षता और समर्पण के साथ कार्य करने का आह्वान किया। साथ ही उन्होंने भरोसा दिलाया कि राज्य सरकार अपने कर्तव्यों का ईमानदारी से पालन करने वाले हर अधिकारी और कर्मचारी के साथ मजबूती से खड़ी रहेगी।