वाशिंगटन के हिल्टन होटल में हुई फायरिंग की घटना ने उस समय हड़कंप मचा दिया, जब वहां ‘व्हाइट हाउस कॉरेस्पोंडेंट्स डिनर’ का आयोजन हो रहा था. इस कार्यक्रम में अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप, फर्स्ट लेडी मेलानिया ट्रंप, उपराष्ट्रपति जेडी वेंस और कई बड़े नेता मौजूद थे. घटना के बाद राष्ट्रपति की सुरक्षा को लेकर सवाल उठने लगे हैं.
बताया जा रहा है कि होटल में उस समय 2600 से ज्यादा लोग मौजूद थे. अचानक गोलियों जैसी आवाज सुनाई दी, जिसके बाद पूरे हॉल में अफरा-तफरी मच गई. सामने आए वीडियो में भी तेज धमाकों की आवाज सुनाई देने का दावा किया गया है. जैसे ही आवाजें आईं, सीक्रेट सर्विस के जवान तुरंत हरकत में आ गए. उन्होंने ट्रंप को तुरंत नीचे झुकाकर मेज के नीचे सुरक्षित किया और फिर उन्हें वहां से बाहर निकाला. इसी दौरान मेहमानों को भी सतर्क रहने के लिए अलर्ट किया गया. कई लोग अपनी जान बचाने के लिए टेबल के नीचे छिप गए, जबकि होटल स्टाफ बाहर की ओर भागता नजर आया. पूरी घटना के दौरान मेलानिया भी काफी घबराई हुई नजर आ रही थी.
यह आवाजें डिनर हॉल के ऊपर वाले कमरे से आई थीं. घटना के बाद पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए संदिग्ध को गिरफ्तार कर लिया. हालांकि अभी तक यह साफ नहीं हो पाया है कि हमलावर का मकसद क्या था और वह हथियार लेकर होटल तक कैसे पहुंचा. इस दौरान उपराष्ट्रपति जेडी वेंस, आरएफके जूनियर, डग बर्गम और मार्को रुबियो समेत कई बड़े नेताओं को भी सुरक्षा के तहत जमीन पर लेटने को कहा गया और बाद में उन्हें सुरक्षित बाहर निकाला गया.
कैबिनेट के अन्य सदस्यों को भी सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया गया. फायरिंग की सूचना मिलते ही पूरे होटल को खाली करा लिया गया और आसपास सुरक्षा बढ़ा दी गई. पुलिस ने होटल के बाहर मौजूद लोगों को भी दूर रहने के निर्देश दिए. घटना के बाद ट्रंप के एक करीबी ने बताया कि राष्ट्रपति पूरी तरह सुरक्षित हैं. ट्रंप ने बाद में कहा कि इस कार्यक्रम को फिर से आयोजित किया जाएगा. फिलहाल जांच जारी है और सुरक्षा एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि यह घटना कैसे हुई और इसके पीछे की वजह क्या थी.