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पुणे में राहुल गांधी का छात्राओं से संवाद, बोले— भारत की सबसे बड़ी ताकत 70 करोड़ महिलाएं

कांग्रेस सांसद और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने शनिवार को कहा कि महिलाएं भारत की सबसे बड़ी ताकत हैं। उन्होंने महिलाओं से अपनी पहचान खुद बनाने, अपने अधिकारों के लिए आवाज उठाने और समाज में बनी गलत सोच को चुनौती देने की अपील की। महाराष्ट्र में ‘छात्रों की गूंज’ अभियान के दौरान राहुल गांधी ने कहा कि महिलाओं की पहचान केवल बेटी, पत्नी या मां के रूप में नहीं होनी चाहिए।

राहुल गांधी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर लिखा, “महिलाएं भारत की ताकत हैं। वे देश की नींव, वर्तमान और भविष्य हैं। आप किसी और की नहीं, सिर्फ अपनी हैं। खुलकर बोलिए, गर्व से आगे बढ़िए और अपने अधिकारों के लिए लड़िए।” कार्यक्रम में राहुल गांधी ने कहा कि भारत की सबसे बड़ी ताकत देश की महिलाओं के सपनों, सोच और उनकी क्षमता में है। उन्होंने कहा कि जब लोगों से पूछा जाता है कि भारत की सबसे बड़ी ताकत क्या है, तो कोई अर्थव्यवस्था, कोई सेना और कोई स्वास्थ्य व्यवस्था को ताकत बताता है।

उन्होंने कहा, “मेरे लिए भारत की सबसे बड़ी ताकत देश की 70 करोड़ महिलाओं के सपने, उनकी सोच और उनकी जिंदगी की अलग-अलग कहानियां हैं।” राहुल गांधी ने कहा कि समाज में अक्सर महिलाओं को सिर्फ बेटी, पत्नी या मां के रूप में देखा जाता है। उन्होंने कहा कि ये रिश्ते जरूरी हैं, लेकिन महिला की पहचान सिर्फ इन्हीं तक सीमित नहीं होनी चाहिए।

उन्होंने कहा कि जो महिलाएं नौकरी, खेल, बिजनेस और दूसरे क्षेत्रों में आगे बढ़ रही हैं, उन्हें उनकी अपनी उपलब्धियों के लिए भी पहचान मिलनी चाहिए। इस दौरान राहुल गांधी ने मनुस्मृति का भी जिक्र किया। उन्होंने आरोप लगाया कि इसमें महिलाओं की स्वतंत्रता को सीमित करने वाली सोच दिखाई देती है।

राहुल गांधी ने 2026 में ‘छात्रों की गूंज’ अभियान शुरू किया था। इसका उद्देश्य छात्रों से जुड़े मुद्दों को सामने लाना है। इसमें परीक्षा में गड़बड़ी, पेपर लीक, महंगी होती पढ़ाई, नौकरी की भर्ती से जुड़ी समस्याएं और बेरोजगारी जैसे मुद्दे शामिल हैं। यह अभियान पहले कोटा, देहरादून और प्रयागराज में भी आयोजित किया जा चुका है। इसका मकसद छात्रों की समस्याओं और उनकी आवाज को राष्ट्रीय स्तर पर उठाना है।