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उत्तराखंड में भारी बारिश से तबाही, टपकेश्वर महादेव मंदिर के पास तामसा नदी उफान पर

उत्तराखंड में लगातार हो रही भारी बारिश से जनजीवन प्रभावित हो गया है। राजधानी देहरादून में रातभर हुई तेज बारिश के बाद तामसा नदी उफान पर आ गई, जिससे नदी का पानी टपकेश्वर महादेव मंदिर के आसपास भर गया। मंदिर के कुछ हिस्से भी पानी की चपेट में आ गए। पहाड़ी इलाकों में लगातार बारिश के कारण देहरादून समेत गढ़वाल क्षेत्र में हालात बिगड़ रहे हैं। कई जगह नदियों का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है। खराब मौसम के चलते एक पेड़ भी गिर गया, जिससे आसपास खड़े वाहनों को नुकसान पहुंचा।

गढ़वाल के मंडलायुक्त आनंद स्वरूप ने बताया कि मानसून के दौरान भारी बारिश के कारण कई जगहों पर आपदा जैसी स्थिति बन रही है। उन्होंने लोगों से सावधानी बरतने की अपील की है। उन्होंने कहा, “उत्तराखंड में इस समय भारी मानसूनी बारिश हो रही है। मानसून के दौरान कई तरह की घटनाएं सामने आ रही हैं और सभी प्रमुख नदियों का जलस्तर काफी बढ़ गया है।”

भारी बारिश के कारण उत्तराखंड में कई सड़कें भी प्रभावित हुई हैं। टिहरी गढ़वाल में NH-707A (कैंपटी-यमुनापुल) का एक हिस्सा पूरी तरह बह गया है। डिम्टा बेंड और जीवन आश्रम के बीच सड़क बंद कर दी गई है। इसके चलते वाहनों को मसूरी बेंड से विकासनगर की ओर डायवर्ट किया जा रहा है।इसके अलावा ऋषिकेश-कर्णप्रयाग मार्ग पर देवप्रयाग के पास NH-07 मलबा आने के कारण बंद है। मलबे की वजह से 8 प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (PMGSY) की सड़कें और 7 PWD सड़कें भी बंद हो गई हैं।

प्रशासन ने लोगों से नदियों और नालों के पास जाने से बचने की अपील की है। लोगों को खास तौर पर नदी किनारे सेल्फी लेने या किसी भी तरह का जोखिम उठाने से मना किया गया है। देहरादून में तामसा, टोंस और आसन नदियों का जलस्तर बढ़ गया है। पहाड़ी इलाकों में भारी बारिश के कारण रिस्पना नदी में भी पानी बह रहा है। अधिकारियों के मुताबिक, कुछ इलाकों में एक दिन में 200 मिलीमीटर से ज्यादा बारिश दर्ज की गई है। इससे सड़क और दूसरी संरचनाओं को नुकसान पहुंचने का खतरा बढ़ गया है।

प्रशासन ने चारधाम यात्रा पर आने वाले श्रद्धालुओं से भी मौसम और सड़क की स्थिति को देखते हुए सावधानी बरतने को कहा है। अगर खराब मौसम या सड़क बंद होने के कारण यात्रा रोकनी पड़े, तो श्रद्धालुओं को प्रशासन के निर्देशों का पालन करने और सुरक्षित स्थानों पर रहने की सलाह दी गई है। यात्रा अस्थायी रूप से रुकने की स्थिति में श्रद्धालुओं के लिए ठहरने और अन्य जरूरी व्यवस्थाएं भी की गई हैं। प्रशासन लगातार हालात पर नजर बनाए हुए है।