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कृति सेनन ने पर्सनैलिटी राइट्स की सुरक्षा के लिए दिल्ली हाईकोर्ट का रुख किया, 29 अक्टूबर को अगली सुनवाई

बॉलीवुड अभिनेत्री कृति सेनन ने अपने पर्सनैलिटी राइट्स यानी व्यक्तित्व अधिकारों की सुरक्षा के लिए दिल्ली हाईकोर्ट में याचिका दायर की है। शुक्रवार को मामले की सुनवाई के दौरान अदालत ने कहा कि इस तरह के मामले लगातार सामने आ रहे हैं, इसलिए इनसे जुड़े कानूनी पहलुओं की व्यापक जांच जरूरी है। अदालत ने अभिनेत्री के वकील से इस विषय पर कानूनी फैसलों और शोध सामग्री का संकलन पेश करने को कहा है। मामले की अगली सुनवाई 29 अक्टूबर को होगी।

जस्टिस पुरुषैंद्र कुमार कौरव ने कृति सेनन की ओर से पेश वकील प्रवीण आनंद से कहा कि वे पर्सनैलिटी राइट्स से जुड़े कानूनी फैसलों और शोध पत्रों का विस्तृत संकलन तैयार करें। अदालत यह भी समझना चाहती है कि ऐसे मामलों में किन अधिकारों को कानूनी संरक्षण मिल सकता है और क्या इनकी सुनवाई हाईकोर्ट के इंटेलेक्चुअल प्रॉपर्टी डिवीजन (IPD) के अधिकार क्षेत्र में आती है।

नाम, चेहरा, आवाज और तस्वीरों पर अधिकार का मुद्दा

सुनवाई के दौरान वकील प्रवीण आनंद ने बताया कि पर्सनैलिटी राइट्स के तहत किसी व्यक्ति के नाम, आवाज, चेहरे, तस्वीरों, वीडियो और छवि को संरक्षण मिल सकता है। किसी व्यक्ति की पहचान का उसकी अनुमति के बिना व्यावसायिक इस्तेमाल करना भी इन मामलों का महत्वपूर्ण पहलू है।

अदालत ने इस विषय पर विस्तृत जानकारी मांगते हुए कहा कि कानूनी मिसालों और शोध के आधार पर यह स्पष्ट किया जाना चाहिए कि व्यक्तित्व के किन पहलुओं को संरक्षण दिया जा सकता है। वकील ने कहा कि कृति सेनन के मामले में अधिकार क्षेत्र को लेकर कोई समस्या नहीं है और वह जरूरी दस्तावेज अदालत में पेश करेंगे।

कई हस्तियों ने भी अदालत का रुख किया

दिल्ली हाईकोर्ट में पर्सनैलिटी राइट्स की सुरक्षा से जुड़े मामले लगातार बढ़ रहे हैं। इससे पहले अभिनेत्री कंगना रनौत, तब्बू और विजय देवरकोंडा, क्रिकेटर अभिषेक शर्मा और युवराज सिंह, कांग्रेस नेता शशि थरूर तथा आंध्र प्रदेश के उपमुख्यमंत्री पवन कल्याण सहित कई प्रमुख हस्तियों से जुड़े मामले भी अदालत के सामने आ चुके हैं। इन मामलों में आमतौर पर किसी व्यक्ति के नाम, तस्वीर, आवाज या पहचान का बिना अनुमति इस्तेमाल करने से जुड़े विवाद शामिल होते हैं, खासकर जब ऐसा व्यावसायिक लाभ के लिए किया जाता है।

AI और डीपफेक से बढ़ीं चुनौतियां

डिजिटल प्लेटफॉर्म और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के बढ़ते इस्तेमाल ने पर्सनैलिटी राइट्स से जुड़े विवादों को और जटिल बना दिया है। किसी सेलिब्रिटी की नकली तस्वीरें या वीडियो बनाना, डीपफेक तैयार करना, उनकी पहचान से फर्जी अकाउंट चलाना या बिना अनुमति किसी उत्पाद के प्रचार में उनकी छवि का इस्तेमाल करना ऐसे विवादों के उदाहरण हैं।

अदालतों के सामने यह तय करने की चुनौती भी रहती है कि किसी व्यक्ति की पहचान और निजता की सुरक्षा के साथ अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता, समाचार रिपोर्टिंग और कलात्मक रचनात्मकता जैसे अधिकारों के बीच संतुलन कैसे बनाया जाए। कृति सेनन के मामले में मांगा गया कानूनी संकलन अदालत को इन सवालों पर विचार करने और पर्सनैलिटी राइट्स की सुरक्षा की सीमाओं को स्पष्ट करने में मदद कर सकता है।