भारत सरकार ने वक्फ संशोधन अधिनियम को लेकर पाकिस्तान द्वारा की गई हालिया टिप्पणियों को सख्त शब्दों में खारिज कर दिया है। विदेश मंत्रालय ने स्पष्ट किया कि यह भारत का आंतरिक मामला है और पाकिस्तान को इसमें हस्तक्षेप करने का कोई अधिकार नहीं है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने बयान जारी कर कहा, “हम पाकिस्तान की गैर-जिम्मेदाराना और बेबुनियाद टिप्पणियों को पूरी तरह खारिज करते हैं। वक्फ से संबंधित कानून पूरी तरह से भारत के संवैधानिक ढांचे और लोकतांत्रिक प्रक्रिया के तहत बनाए जाते हैं। इसमें किसी बाहरी देश का हस्तक्षेप न स्वीकार्य है और न ही प्रासंगिक।”
हाल ही में पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय ने भारत के वक्फ अधिनियम में प्रस्तावित संशोधनों पर चिंता जताई थी और इसे मुस्लिम समुदाय के खिलाफ बताया था। पाकिस्तान ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से भी इस मामले में “ध्यान देने” की अपील की थी। भारत ने अपने जवाब में यह भी कहा कि पाकिस्तान को पहले अपने देश में धार्मिक अल्पसंख्यकों की स्थिति पर ध्यान देना चाहिए, जहां आए दिन मंदिरों पर हमले और जबरन धर्मांतरण की घटनाएं सामने आती हैं। भारत द्वारा पाकिस्तान की इस टिप्पणी को खारिज करना न केवल राजनयिक स्तर पर स्पष्ट संदेश है, बल्कि यह भारत की नीति को भी दोहराता है कि वह अपने आंतरिक मामलों में किसी बाहरी हस्तक्षेप को स्वीकार नहीं करता।