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बेंगलुरु में इबोला संदिग्ध की रिपोर्ट नेगेटिव, भारत में फिलहाल कोई मामला नहीं

बेंगलुरु में एहतियातन आइसोलेशन में रखे गए एक व्यक्ति की जांच रिपोर्ट इबोला वायरस के लिए नेगेटिव आई है। स्वास्थ्य अधिकारियों ने बुधवार को इसकी पुष्टि करते हुए कहा कि फिलहाल भारत में इबोला का कोई पुष्ट मामला नहीं है। यह व्यक्ति हाल ही में युगांडा से यात्रा करके लौटा था और उसे शरीर में हल्का दर्द होने की शिकायत थी। संभावित संक्रमण की आशंका को देखते हुए उसे बेंगलुरु के सरकारी एपिडेमिक डिजीज हॉस्पिटल में निगरानी के लिए आइसोलेट किया गया था।

 अफ्रीका के कई हिस्सों में इबोला के मामलों में बढ़ोतरी को देखते हुए केंद्र सरकार स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है। मरीज की हालत फिलहाल सामान्य बताई गई है और उसे केवल हल्के शरीर दर्द की शिकायत थी। जांच के लिए उसका सैंपल नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ वायरोलॉजी (NIV) भेजा गया था, जिसकी रिपोर्ट अब नेगेटिव आई है।

स्वास्थ्य मंत्रालय ने कहा कि राज्य सरकारों के साथ समन्वय में निगरानी बढ़ाई गई है और विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के दिशा-निर्देशों के अनुसार सभी जरूरी स्वास्थ्य प्रोटोकॉल का पालन किया जा रहा है। इस बीच WHO ने 17 मई को डेमोक्रेटिक रिपब्लिक ऑफ कांगो (DRC) और युगांडा में इबोला संक्रमण फैलने के बाद इसे अंतरराष्ट्रीय चिंता की सार्वजनिक स्वास्थ्य आपात स्थिति (PHEIC) घोषित किया था।

अफ्रीका CDC ने भी DRC और युगांडा में फैल रहे बुंडीबुग्यो स्ट्रेन इबोला वायरस प्रकोप को महाद्वीपीय सार्वजनिक स्वास्थ्य आपात स्थिति घोषित किया है। WHO की आपात समिति ने 22 मई को देशों को निर्देश दिए थे कि वे एयरपोर्ट और अन्य एंट्री प्वाइंट्स पर निगरानी बढ़ाएं, खासकर उन यात्रियों की जांच करें जो इबोला प्रभावित क्षेत्रों से आ रहे हैं और जिन्हें बुखार या अन्य लक्षण हैं। साथ ही प्रभावित क्षेत्रों की यात्रा से बचने की सलाह भी दी गई है।इबोला एक गंभीर वायरल बीमारी है, जिसकी मृत्यु दर काफी अधिक होती है। फिलहाल बुंडीबुग्यो स्ट्रेन के इबोला वायरस के लिए कोई स्वीकृत वैक्सीन या विशेष इलाज उपलब्ध नहीं है।