सूरज बिना किसी रहम के आग बरसा रहा है, जिससे सड़कें भट्टी जैसी तप रही हैं। ऐसे में दोपहर का वक्त घरों से बाहर निकलना लोगों के लिए मुश्किल भरा संघर्ष बन गया है। उत्तर भारत अभी भी भीषण लू की चपेट में है। पंजाब, हरियाणा और चंडीगढ़ में तापमान 42 डिग्री सेल्सियस से 45 डिग्री सेल्सियस के बीच बना हुआ है। इसका असर लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी पर दिख रहा है। खासकर यात्रियों और बाहर काम करने वाले मजदूरों को मुश्किल हालातों से जूझना पड़ रहा है।
भारत मौसम विज्ञान विभाग के मुताबिक लोगों को अगले कुछ दिनों तक लू जैसे हालात का सामना करना पड़ेगा। हालांकि उसने 28 मई के बाद मौसम में बदलाव आने का अनुमान जताया है। चिलचिलाती गर्मी से जूझ रहे लोगों को हल्की बारिश और तेज हवा से कुछ राहत मिलने की उम्मीद है।
स्वास्थ्य विशेषज्ञ लोगों को सलाह दे रहे हैं किे गर्मी से जुड़ी बीमारियों से बचाव के लिए वे क्या करें और क्या न करें। वे चेतावनी देते हैं कि लंबे समय तक तेज गर्मी के संपर्क में रहने से स्वास्थ्य को गंभीर खतरा हो सकता है। ऐसे में उनकी सलाह कि लोग पर्याप्त मात्रा में पानी पीते रहें और नियमित रूप से ऐसे भोजन और पेय पदार्थों का सेवन करें जो शरीर को ठंडा रखने में मदद करते हैं।
इस बीच, चंडीगढ़ के पीजीआईएमईआर के त्वचा विज्ञान विभाग के डॉक्टरों ने लोगों को सलाह दी है कि वे दोपहर के सबसे गर्म समय में घरों से बाहर निकलने से बचें। उन्होंने गर्मी से जुड़ी बीमारियों से बचने के लिए सनस्क्रीन लगाने, शरीर में पानी की सही मात्रा बनाए रखने और फल और इलेक्ट्रोलाइट से भरपूर तरल पदार्थों का सेवन करने के महत्व पर भी जोर दिया।
अगले कुछ दिन बेहद अहम होंगे, क्योंकि मौसम में बदलाव से कुछ राहत मिलने की उम्मीद है। हालांकि तब तक अधिकारी और डॉक्टर लोगों से लगातार अपील कर रहे हैं कि वे सतर्क रहें और गर्मी से जुड़ी बीमारियों से सुरक्षित रहने के लिए सभी जरूरी सावधानियां बरतें।