प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने वक्फ संपत्तियों में अनियमितता को लेकर बड़ी कार्रवाई करते हुए देशभर में 9 ठिकानों पर छापेमारी की है। यह कार्रवाई मंगलवार सुबह शुरू हुई और इसमें वक्फ बोर्ड के कुछ अधिकारियों और संबंधित निजी व्यक्तियों के परिसरों को निशाना बनाया गया। यह छापेमारी दिल्ली, उत्तर प्रदेश, कर्नाटक और तेलंगाना सहित अन्य राज्यों में की गई, जहां वक्फ संपत्तियों के दुरुपयोग और अवैध लेन-देन के सबूत मिले हैं। जांच एजेंसी को आशंका है कि वक्फ की जमीनों का बड़े पैमाने पर वाणिज्यिक इस्तेमाल कर करोड़ों रुपये की हेराफेरी की गई है।
ED को मिली प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, वक्फ संपत्तियों के आवंटन और पट्टों में अनियमितताएं बरती गईं और कुछ मामलों में बाजार मूल्य से बेहद कम दरों पर संपत्तियां निजी व्यक्तियों को दी गईं। यह भी आरोप है कि इन लेनदेन में भारी रिश्वतखोरी हुई। ED ने संबंधित दस्तावेज और डिजिटल डिवाइसेज जब्त कर लिए हैं, जिन्हें फॉरेंसिक जांच के लिए भेजा जाएगा। इस मामले में कई लोगों से पूछताछ की जा सकती है और जल्द ही कुछ गिरफ्तारियां भी हो सकती हैं।
छापेमारी का उद्देश्य इस पूरे रैकेट के पीछे शामिल लोगों की पहचान करना और पैसों के लेन-देन की कड़ियों को उजागर करना है। वक्फ संपत्तियों से जुड़े भ्रष्टाचार के मामलों को लेकर सरकार पहले ही सख्त रुख अपना चुकी है। यह कार्रवाई आगे भी जारी रहने की संभावना है, क्योंकि ED को मामले में कई और ठिकानों पर संदिग्ध गतिविधियों की जानकारी मिली है।