West Bengal: पश्चिम बंगाल में कई राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों ने सोमवार को मुख्य निर्वाचन आयुक्त (सीईसी) ज्ञानेश कुमार सहित निर्वाचन आयोग के और शीर्ष अधिकारियों से सोमवार को मुलाकात की और आगामी विधानसभा चुनावों में अधिकतम दो चरणों में मतदान कराने का आग्रह किया। एक वरिष्ठ अधिकारी ने ये जानकारी दी।
तृणमूल कांग्रेस, भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी), मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी सीपीआई (एम), कांग्रेस, आम आदमी पार्टी (एएपी), नेशनल पीपुल्स पार्टी (एनपीपी) सहित कई दलों के प्रतिनिधियों ने कुमार से मुलाकात की।
इस दौरान, सीईसी के साथ निर्वाचन आयुक्त सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी और पश्चिम बंगाल के मुख्य निर्वाचन अधिकारी (सीईओ) मनोज अग्रवाल भी थे। निर्वाचन आयोग के अधिकारी ने बताया, ‘‘राज्य में चुनाव कराने से संबंधित कई मुद्दों पर चर्चा हुई। कई दलों ने सुझाव दिया कि चुनाव एक या दो चरणों में कराया जाए और शांतिपूर्ण मतदान सुनिश्चित करने में सहयोग का आश्वासन दिया।”
राजनीतिक दलों ने निर्वाचन आयोग से असामाजिक तत्वों की गतिविधियों पर अंकुश लगाने और चुनाव के दौरान मतदाताओं को डराने-धमकाने से रोकने के लिए कड़े कदम उठाने का आग्रह किया। आयोग के अधिकारी ने कहा, “उन्होंने (राजनीतिक दलों) हिंसा रोकने और मतदाताओं के निर्भिकता से मतदान करने को सुनिश्चित करने के लिए पर्याप्त संख्या में केंद्रीय सशस्त्र बलों की तैनाती सहित मजबूत सुरक्षा व्यवस्था की आवश्यकता पर जोर दिया।”
कुछ दलों ने चुनाव के दौरान देसी बम, अवैध हथियार और धन या बाहुबल के संभावित इस्तेमाल को लेकर भी चिंता जताई। बैठक में मुख्य निर्वाचन आयुक्त ने राजनीतिक दलों को आश्वासन दिया कि चुनाव पूरी तरह से कानून के अनुसार कराए जा रहे हैं और राज्य में स्वतंत्र, निष्पक्ष और पारदर्शी चुनाव सुनिश्चित करने के लिए सभी आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।
अधिकारी के अनुसार, चुनाव पूर्व बैठक में कुमार ने कहा, “हिंसा के प्रति निर्वाचन आयोग की कतई बर्दाश्त नहीं करने की नीति है। हम निष्पक्ष, पारदर्शी और शांतिपूर्ण चुनाव सुनिश्चित करने में कोई कसर नहीं छोड़ेंगे।” उन्होंने ये भी दोहराया कि मतदाता सूची में नाम जोड़ने, हटाने या संशोधन करने के लिए प्रपत्र छह, सात और आठ अभी भी भरे जा सकते हैं।