उत्तराखंड की राजधानी देहरादून में लगातार हो रही मानसूनी बारिश के बीच डेंगू का खतरा बढ़ने लगा है। स्थिति को देखते हुए नगर निगम और स्वास्थ्य विभाग ने रोकथाम के लिए विशेष अभियान तेज कर दिया है। नगर निगम ने मच्छरों के लार्वा को नष्ट करने के लिए एंटी-लार्वल केमिकल से लैस 15 विशेष टैंकर तैनात किए हैं। इन टैंकरों के जरिए शहर के विभिन्न इलाकों में नियमित रूप से दवा का छिड़काव किया जा रहा है, ताकि मच्छरों के प्रजनन को रोका जा सके।
इसके अलावा, संकरी गलियों और अन्य स्थानों पर पीठ पर लादकर इस्तेमाल किए जाने वाले स्प्रेयर से भी छिड़काव किया जा रहा है। वहीं, बारिश रुकते ही बड़े पैमाने पर फॉगिंग करने के लिए फॉगिंग मशीनें भी तैयार रखी गई हैं। मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) के अनुसार, देहरादून में अब तक डेंगू के 49 मामलों की पुष्टि हुई है। हालांकि उन्होंने कहा कि फिलहाल स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है और घबराने की जरूरत नहीं है।
स्वास्थ्य विभाग ने संभावित मरीजों के इलाज के लिए सरकारी और निजी अस्पतालों में 831 बेड आरक्षित किए हैं, ताकि जरूरत पड़ने पर तुरंत उपचार उपलब्ध कराया जा सके। अधिकारियों का कहना है कि मानसून अभी जारी है और इसके समाप्त होने में समय है। ऐसे में स्वास्थ्य विभाग और नगर निगम हाई अलर्ट पर हैं। डेंगू और अन्य मच्छरजनित बीमारियों की रोकथाम के लिए लगातार निगरानी, जागरूकता अभियान और एंटी-लार्वल एवं फॉगिंग अभियान चलाए जा रहे हैं।