गुजरात में नशा तस्करी के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत ईस्ट कच्छ पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए एक आरोपी की संपत्ति जब्त कर ली है। पुलिस का कहना है कि यह कार्रवाई राज्य सरकार की उस रणनीति का हिस्सा है, जिसके तहत न केवल नशा तस्करों को गिरफ्तार किया जा रहा है, बल्कि अवैध कारोबार से अर्जित उनकी संपत्तियों पर भी कार्रवाई की जा रही है। ईस्ट कच्छ के पुलिस अधीक्षक सागर बागमार ने बताया कि गुजरात सरकार ने मादक पदार्थों के कारोबार के खिलाफ 'जीरो टॉलरेंस' की नीति अपनाई है। इसके तहत पुलिस नशा तस्करों के साथ-साथ उनके अवैध रूप से अर्जित आर्थिक नेटवर्क को भी निशाना बना रही है।
उन्होंने कहा, "पुलिस महानिदेशक (DGP) और बॉर्डर रेंज के पुलिस महानिरीक्षक (IG) के निर्देश पर कच्छ पुलिस ने संदिग्ध नशा तस्करों की संपत्तियों की जांच की। इसी क्रम में कार्रवाई करते हुए आरोपी की संपत्ति जब्त की गई।" पुलिस के अनुसार, अंजार निवासी पिंटू यादव के खिलाफ एनडीपीएस (NDPS) एक्ट के तहत चार मामले दर्ज हैं।
सबसे हालिया मामला वर्ष 2025 में गांधीधाम बी डिवीजन पुलिस स्टेशन में दर्ज किया गया था, जिसमें पुलिस ने उसके कब्जे से 140 किलोग्राम गांजा बरामद किया था। इस मामले में आरोपी फिलहाल जेल में बंद है। पुलिस ने आरोपी की वित्तीय संपत्तियों की जांच के बाद उन संपत्तियों को जब्त करने की प्रक्रिया शुरू की, जिन्हें कथित तौर पर नशा तस्करी से अर्जित धन से खरीदा गया था। अधिकारियों के अनुसार, इसका उद्देश्य संगठित नशा तस्करी के आर्थिक ढांचे को कमजोर करना है।
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि यह कार्रवाई गुजरात में वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के निर्देश पर चलाए जा रहे व्यापक एंटी-नारकोटिक्स अभियान का हिस्सा है। इस अभियान के तहत केवल तस्करों की गिरफ्तारी ही नहीं, बल्कि उनकी अवैध संपत्तियों की पहचान, कुर्की और जब्ती पर भी विशेष जोर दिया जा रहा है।
गुजरात अपनी लंबी समुद्री सीमा और रणनीतिक स्थिति के कारण देश में नशा तस्करी के खिलाफ अभियानों का प्रमुख केंद्र रहा है। हाल के वर्षों में गुजरात पुलिस, डायरेक्टरेट ऑफ रेवेन्यू इंटेलिजेंस (DRI), नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (NCB) और भारतीय तटरक्षक बल ने कई बड़े अभियान चलाकर भारी मात्रा में मादक पदार्थ जब्त किए हैं और कई तस्करों को गिरफ्तार किया है।
गुजरात पुलिस का कहना है कि नशा तस्करों के आर्थिक नेटवर्क को ध्वस्त किए बिना संगठित मादक पदार्थों की तस्करी पर प्रभावी रोक लगाना संभव नहीं है। फिलहाल पुलिस अन्य संदिग्ध संपत्तियों और नशा तस्करी से जुड़े व्यापक नेटवर्क की भी जांच कर रही है। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि मादक पदार्थों के कारोबार में शामिल लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी।