मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने ‘सेवा संकल्प अभियान’ को सफल बनाने के लिए प्रदेश के सभी जनप्रतिनिधियों से सक्रिय रूप से जुड़ने की अपील की है। गुरुवार को उन्होंने प्रदेश के सांसदों, विधायकों, विधान परिषद सदस्यों, जिला पंचायत अध्यक्षों, महापौरों, नगर पालिका और नगर पंचायत अध्यक्षों तथा ब्लॉक प्रमुखों के साथ वर्चुअल बैठक की।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 25 वर्षों के निरंतर सेवा काल को समर्पित यह अभियान तभी सफल होगा, जब इसमें समाज के हर वर्ग की भागीदारी हो। उन्होंने जनप्रतिनिधियों से अपने-अपने क्षेत्रों में जनता के साथ मिलकर अभियान के कार्यक्रमों को जनभागीदारी का स्वरूप देने को कहा।
सीएम योगी ने प्रभारी मंत्रियों को भी निर्देश दिया कि वे अपने आवंटित जिलों और विधानसभाओं में जाकर स्थानीय जनप्रतिनिधियों के साथ कार्यक्रमों की रूपरेखा तैयार करें। ‘सेवा संकल्प अभियान’ 17 सितंबर से 17 अक्टूबर तक चलेगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि 17 सितंबर को सेवा दिवस और विश्वकर्मा जयंती के अवसर पर प्रदेश की सभी विधानसभा क्षेत्रों में विश्वकर्मा पूजन का आयोजन किया जाएगा। इस दौरान शिल्पकारों को टूलकिट भी वितरित की जाएगी।
इसी दिन शाम 7 बजे ‘आशीर्वाद का दीया’ कार्यक्रम के तहत लाभार्थी परिवारों के साथ दीप प्रज्ज्वलित किए जाएंगे। डबल इंजन सरकार की योजनाओं से बने प्रमुख भवनों और विकास परियोजनाओं के स्थलों पर भी दीप जलाने के निर्देश दिए गए हैं। मुख्यमंत्री ने सभी विधायकों से अपने क्षेत्रों में इन कार्यक्रमों में मौजूद रहने को कहा।
सीएम योगी ने बताया कि 18 सितंबर से प्रदेश की सभी 403 विधानसभा सीटों में ‘नमो सेवा, अनकही कहानियां’ कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। उन्होंने पर्यटन विभाग को इसका नोडल विभाग बनाने के निर्देश दिए। कार्यक्रम में स्थानीय कलाकारों को प्राथमिकता दी जाएगी। इसके साथ विद्यार्थी और शिक्षक भी इसमें भाग लेंगे। इनके माध्यम से सेवा, सुशासन और विकास से जुड़ी स्थानीय कहानियों को लोगों तक पहुंचाया जाएगा।
मुख्यमंत्री ने ‘मेरे सपनों का भारत’ कार्यक्रम में सरकारी और निजी बेसिक, माध्यमिक और उच्च शिक्षण संस्थानों को जोड़ने के निर्देश दिए। इसके तहत विद्यार्थियों के लिए चित्रकला, भाषण और वाद-विवाद प्रतियोगिताएं आयोजित की जाएंगी। इन कार्यक्रमों में शिक्षकों और स्थानीय जनप्रतिनिधियों की भागीदारी भी सुनिश्चित की जाएगी, ताकि बच्चों और युवाओं को देश की विकास यात्रा से जोड़ा जा सके।
‘आंगन मिलन सेवा’ कार्यक्रम के तहत उत्कृष्ट काम करने वाली आशा और आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को सम्मानित किया जाएगा। इसके साथ हेल्दी बेबी प्रतियोगिता भी आयोजित होगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस कार्यक्रम को केवल सम्मान और प्रतियोगिता तक सीमित न रखा जाए। इसके जरिए माताओं तक पोषण, स्वास्थ्य और महिला एवं बाल विकास से जुड़ी जरूरी जानकारी भी आसान भाषा में पहुंचाई जाए।
‘सेवा की कहानी’ कार्यक्रम के तहत पिछले साढ़े नौ वर्षों में सरकार की योजनाओं से हुए बदलावों को लाभार्थियों की वास्तविक कहानियों के जरिए सामने लाया जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि इन कहानियों में किसी भी तरह का भेदभाव नहीं होना चाहिए और योजनाओं का लाभ पाने वाले लोगों के वास्तविक अनुभव सामने आने चाहिए। वीडियो रील में लाभार्थी का नाम, गांव, जनपद और योजना का नाम जरूर शामिल किया जाए। इसमें मुख्यमंत्री विवेकाधीन कोष और आयुष्मान भारत के लाभार्थियों को भी शामिल करने के निर्देश दिए गए हैं।
‘सेवा ज्योति कलश यात्रा’ के तहत 7 अक्टूबर को प्रत्येक जिले के एक प्रमुख चौराहे पर ‘सेवा कलश’ स्थापित किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने बताया कि 25 वर्ष पहले इसी दिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुजरात के मुख्यमंत्री के रूप में अपनी जनसेवा की एक नई यात्रा शुरू की थी। इस अवसर पर प्रधानमंत्री का विशेष संबोधन भी होगा। मुख्यमंत्री ने जनप्रतिनिधियों से इस कार्यक्रम में सक्रिय भागीदारी करने की अपील की, ताकि यह आयोजन सेवा, समर्पण और संकल्प का प्रतीक बन सके।
‘सेवा मेरा योगदान’ कार्यक्रम के तहत आम नागरिकों को अलग-अलग सेवा गतिविधियों से जोड़ा जाएगा। मुख्यमंत्री ने प्रत्येक विधानसभा में कम से कम दो स्थानों के कायाकल्प का काम जनभागीदारी के जरिए कराने के निर्देश दिए। वहीं ‘सेवा सेतु अभियान’ के तहत प्रत्येक विकासखंड में सात दिवसीय बहुउद्देशीय सेवा शिविर लगाए जाएंगे। इन शिविरों में लोगों को अलग-अलग सरकारी कार्यालयों के चक्कर लगाने की जरूरत नहीं होगी। एक ही स्थान पर केंद्र और राज्य सरकार की योजनाओं की जानकारी, आवेदन और पात्रता सत्यापन की सुविधा उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं। पात्र लोगों के मामलों में स्वीकृति की प्रक्रिया भी आगे बढ़ाई जाएगी। इन शिविरों के साथ स्वास्थ्य मेले भी आयोजित किए जाएंगे।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि ‘सेवा संकल्प अभियान’ की सबसे बड़ी ताकत जनभागीदारी है। इसलिए सांसदों और विधायकों के साथ ग्राम स्तर तक के जनप्रतिनिधियों, युवाओं, महिलाओं, विद्यार्थियों, शिल्पकारों, स्वयं सहायता समूहों और सामाजिक संगठनों को भी अभियान से जोड़ा जाए। उन्होंने सभी जनप्रतिनिधियों से अपील की कि 17 सितंबर से 17 अक्टूबर तक चलने वाले इस अभियान को सेवा, सुशासन और जनभागीदारी के उत्सव के रूप में सफल बनाएं।