उत्तर प्रदेश की सियासत में बयानबाज़ी का पारा फिर चढ़ गया है। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने एक बार फिर प्रदेश के दोनों डिप्टी सीएम को मुख्यमंत्री बनने का खुला ऑफर दे दिया है। वहीं बीजेपी ने इसे जोड़-तोड़ की राजनीति बताते हुए सपा पर पलटवार किया है। उत्तर प्रदेश की राजनीति में एक बार फिर बड़ा सियासी बयान सामने आया है। अखिलेश यादव ने बिना नाम लिए प्रदेश के दोनों उपमुख्यमंत्रियों को मुख्यमंत्री बनने का ऑफर दे दिया है। समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष ने कहा—“जो भी 100 विधायक लेकर आएगा, उसे मुख्यमंत्री बना दिया जाएगा। यह ऑफर एक हफ्ते के लिए है।”
अखिलेश यादव ने इशारों-इशारों में कहा कि जब मुख्यमंत्री विदेश यात्रा पर हैं, तो यह मौका है। उन्होंने कहा कि दोनों की इच्छा मुख्यमंत्री बनने की है, ऐसे में 100 विधायक जुटाइए और सीएम बन जाइए। हालांकि उन्होंने सीधे तौर पर नाम नहीं लिया, लेकिन सियासी गलियारों में इसे डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य और ब्रजेश पाठक की ओर इशारा माना जा रहा है।
उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव 2027 में प्रस्तावित हैं, लेकिन उससे पहले ही सियासी बयानबाज़ी तेज हो गई है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के विदेश दौरे के संदर्भ में अखिलेश ने यह बयान दिया, जिसे बीजेपी के अंदरूनी मतभेदों पर तंज के तौर पर देखा जा रहा है। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने भाजपा के अंदर कथित अंतर्कलह पर कटाक्ष करते हुए मजाकिया अंदाज में कहा कि उनका पुराना ऑफर आज भी कायम है… वहीं भारतीय जनता पार्टी के प्रवक्ता हीरो वाजपेई ने इस बयान पर तीखी प्रतिक्रिया दी है... उन्होंने आरोप लगाया कि सपा जोड़-तोड़ और खरीद-फरोख्त की राजनीति में विश्वास रखती है।
ये पहली बार नहीं है, विधानसभा सत्र के दौरान भी अखिलेश ने कुछ ऐसा ही कहा था. अब उनके इस बयान पर राजनीति पारा चढ़ गया है… फिलहाल अखिलेश यादव का ये बयान सियासी हलकों में चर्चा का विषय बना हुआ है। सवाल ये है कि क्या यह सिर्फ राजनीतिक तंज है या फिर यूपी की सियासत में आने वाले दिनों में कोई नया मोड़ देखने को मिलेगा?
वैसे तो उत्तर प्रदेश में विधानसभा का चुनाव 2027 में होने वाला है लेकिन जिस तरह से सपा मुखिया अखिलेश यादव ने दोनों डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक और केशव प्रसाद मौर्या पर बयान दिया कि .... "100 विधायक लाइए, मुख्यमंत्री बन जाइए।" पर भाजपा ने पलटवार किया है।
भाजपा प्रवक्ता हीरो वाजपेयी ने कहा कि अखिलेश यादव को अपने पिता से सत्ता मिली थी लेकिन जनता ने उसने छीन ली। अखिलेश को लगता है कि जोड़ -तोड़ और खरीद कर सरकार बनाई जा सकती है इसलिए वो ऐसे बयान दे रहे हैं। शायद उनको नहीं पता कि 2027 में जनता के आशीर्वाद से योगी की सरकार पूरे बहुमत से बनेगी।