West Bangal: पश्चिम बंगाल के जलपाईगुड़ी जिले में हिमालय की तलहटी के पास, नेपाल और बांग्लादेश के बीच भारतीय जमीन की एक संकरी पट्टी है। इस पट्टी को अक्सर 'चिकन नेक' कहा जाता है। वजह ना सिर्फ इसकी कम चौड़ाई है, बल्कि इसलिए भी कि ये भारत की मुख्य भूमि को पूर्वोत्तर राज्यों से जोड़ने वाला गलियारा है।
'चिकन नेक' के एक तरफ फुलबारी है, जो एक जमीनी बंदरगाह है। यहां मालवाहक वाहन बांग्लादेश में जाने के लिए सीमा पार करने का इंतजार करते हैं। फुलबारी के कई गांव भारत-बांग्लादेश सीमा पर हैं। उनकी बाड़बंदी नहीं हुई है।
राज्य सरकार ने जमीन के इस टुकड़े को बीएसएफ को सौंपने का फैसला किया है, ताकि वहां कांटेदार बाड़ लगाई जा सके। यहां के लोगों ने इस प्रस्ताव का स्वागत किया है। उनका कहना है कि इससे बांग्लादेश से अवैध घुसपैठ रोकने में मदद मिलेगी।
फुलबारी के निवासी बीएसएफ के काम की तारीफ करते हैं। वे कहते हैं कि बाड़ लगाने से सीमा सुरक्षा पुख्ता हो जाएगी। बुधवार को मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने सीमा सुरक्षा के लिए दोतरफा पहल का ऐलान किया। इसके तहत लंबे समय से लंबित बाड़ लगाने की परियोजनाओं के लिए बीएसएफ को 27 किलोमीटर जमीन दी गई।
भारत-बांग्लादेश की 4,000 किलोमीटर लंबी सीमा में से पश्चिम बंगाल में लगभग 2,200 किलोमीटर पड़ता है। इसमें करीब 1,600 किलोमीटर में बाड़बंदी पहले ही हो चुकी है।