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संसद में हंगामा के बीच लोकसभा दोपहर 2 बजे तक स्थगित, विपक्ष ने PM मोदी और अमित शाह पर साधा निशाना

संसद के मानसून सत्र के दौरान बुधवार को भी हंगामा जारी रहने के कारण लोकसभा की कार्यवाही दोपहर 2 बजे तक स्थगित कर दी गई। विपक्ष ने एक बार फिर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से सदन में आकर विभिन्न मुद्दों पर बयान देने की मांग की। राज्यसभा में विपक्ष के नेता और कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने कहा कि प्रधानमंत्री और गृह मंत्री सदन में आकर अपना पक्ष रखें। उन्होंने कहा, "हमारी मांग है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह सदन में आएं, बयान दें। हम चर्चा के लिए तैयार हैं। समाधान केवल चर्चा से ही निकलेगा।"

खरगे ने आरोप लगाया कि संसद का सत्र शुरू हुए कई दिन हो चुके हैं, लेकिन प्रधानमंत्री का सदन में उपस्थित न होना संसद का अपमान है। कांग्रेस सांसद गौरव गोगोई ने भी कहा कि विपक्ष चाहता है कि प्रधानमंत्री देश से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दों पर सदन को संबोधित करें। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री और गृह मंत्री दोनों की अनुपस्थिति तथा राष्ट्रीय मुद्दों पर जवाबदेही का अभाव चिंताजनक है।

वहीं, कांग्रेस सांसद सैयद नसीर हुसैन ने मांग की कि गृह मंत्री अमित शाह संसद में आकर जंतर-मंतर पर छात्र प्रदर्शन के दौरान कथित पुलिस बल प्रयोग और पेलेट गन के इस्तेमाल, अयोध्या राम मंदिर चंदा गबन के आरोपों तथा जम्मू-कश्मीर को राज्य का दर्जा बहाल करने के मुद्दे पर बयान दें।इससे पहले राहुल गांधी, प्रियंका गांधी वाड्रा समेत विपक्षी सांसदों ने संसद परिसर में प्रेरणा स्थल स्थित गांधी प्रतिमा से मकर द्वार तक मार्च निकाला। इस दौरान उन्होंने 20 जुलाई को CJP प्रदर्शनकारियों के खिलाफ कथित पुलिस कार्रवाई, अयोध्या राम मंदिर में चंदा गबन के आरोप और अन्य मुद्दों को लेकर केंद्र सरकार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया।

कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा ने छात्र प्रदर्शनकारियों के खिलाफ कथित पुलिस कार्रवाई पर केंद्र सरकार से जवाबदेही तय करने की मांग की। उन्होंने कहा कि भारत एक लोकतांत्रिक देश है, "किसी का शाही दरबार नहीं।" उन्होंने सवाल उठाया कि छात्रों पर लाठीचार्ज और पेलेट गन के इस्तेमाल का आदेश किसने दिया और इसके लिए जिम्मेदार लोगों को जवाब देना चाहिए।