विश्व आयुर्वेद कांग्रेस के न्यू एज संहिता पर आयोजित सत्र में पैनलिस्ट गोवा के उपेंद्र दीक्षित, नासिक के अभिजीत सराफ और पुणे के प्रसाद बावडेकर ने अपने विचार रखते हुए कहा, आयुर्वेद को लेकर जो नए शोध, अध्ययन आदि हो रहे हैं, उसकी भाषा को सरल बनाया जाए।
इसके अलावा डिजिटल एप के माध्यम से अधिक से अधिक स्थानीय भाषा में उसकी उपलब्धता हो, जिससे देश-विदेश के हर व्यक्ति अपनी सुगम भाषा में आसानी से अध्ययन कर सके। विशेेषज्ञों ने आयुर्वेद के क्षेत्र में अधिक से अधिक लोगों को कैसे जोड़ा जाए, शोध और अनुसंधान को बढ़ावा देने पर भी विशेषज्ञों ने विचार रखे। सत्र का संचालन राममनोहर ने किया।