पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के पहले चरण के मतदान के बीच कुमरगंज से भाजपा उम्मीदवार शुभेंदु सरकार ने आरोप लगाया है कि उन पर तृणमूल कांग्रेस (TMC) कार्यकर्ताओं ने हमला किया और उनकी कार में तोड़फोड़ की। मीडिया से बातचीत में उन्होंने कहा कि उनके विधानसभा क्षेत्र के कई पोलिंग स्टेशनों पर भाजपा के एजेंटों को जबरन बाहर निकाल दिया गया था।
शुभेंदु सरकार ने बताया कि जब उन्हें इस बात की जानकारी मिली तो उन्होंने खुद हस्तक्षेप कर एजेंटों को वापस अंदर जाने की अनुमति दिलाई। इसके बाद जब वे बूथ नंबर 24 पर स्थिति का जायजा लेने पहुंचे, तो वहां मौजूद TMC कार्यकर्ताओं ने उन पर और उनकी टीम पर हमला कर दिया। उन्होंने आरोप लगाया कि हमले के दौरान केंद्रीय बल मौके पर मौजूद नहीं थे।
उन्होंने कहा, “कुमरगंज विधानसभा क्षेत्र में हमारे 8-10 पोलिंग स्टेशनों से एजेंटों को जबरन हटाया गया था। मैंने खुद हस्तक्षेप कर उन्हें वापस अंदर जाने दिया। जब मैं बूथ नंबर 24 पर स्थिति देखने गया, तो उन्होंने मुझ पर और मेरी पूरी टीम पर हमला कर दिया। वे डर और दहशत का माहौल बनाना चाहते थे। केंद्रीय बल वहां मौजूद थे, लेकिन जब मैं वहां पहुंचा, तब मेरे साथ सिर्फ मेरा बॉडीगार्ड था।”
इस घटना पर नाराजगी जताते हुए शुभेंदु सरकार ने मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर निशाना साधा और कहा कि वे “डर और हताशा” में ऐसा कर रही हैं। उन्होंने दावा किया कि तृणमूल कांग्रेस इस क्षेत्र की सभी सीटें हार रही है, इसी वजह से उनके कार्यकर्ता इस तरह की हरकतें कर रहे हैं। इससे पहले दिन में नाउदा इलाके में TMC कार्यकर्ताओं और आम जनता उन्नयन पार्टी (AUJP) के संस्थापक हुमायूं कबीर के समर्थकों के बीच भी कच्चे बम की घटना को लेकर हिंसक झड़प हुई थी। दोनों पक्षों ने लाठियों और पत्थरों का इस्तेमाल किया और सड़क किनारे खड़े वाहनों को नुकसान पहुंचाया। सुरक्षा बलों ने मौके पर पहुंचकर स्थिति को नियंत्रित किया।
यह झड़प उस समय हुई जब हुमायूं कबीर नाउदा इलाके का दौरा करने पहुंचे थे, जहां बुधवार रात पहले चरण के मतदान से पहले कच्चे बम फेंके गए थे। इसके बाद उन्होंने धरना प्रदर्शन किया और आरोप लगाया कि पुलिस ने रात में उनके समर्थकों पर लाठीचार्ज किया। उन्होंने संबंधित पुलिस अधिकारी को हटाने और चुनाव आयोग से कार्रवाई की मांग की।