मणिपुर में करीब दो सालों से आशांति और हिंसा का माहौल है। ऐसे में मणिपुर के लोग आगामी केद्रीय बजट में राज्य की अर्थव्यवस्था को फिर से पुनर्जीवित करने के लिए विशेष आर्थिक पैकेज की मांग कर रहे हैं। खासकर उन लोगों की सहायता के लिए जो विस्थापित हो चुके हैं। राहत शिविरों में रहने वाले कई विस्थापित लोग कठिन हालातों का सामना कर रहे हैं। ऐसे में उनकी मांग है कि उनके खातों में कुछ रुपये सीधे ट्रांसफर किए जाएं।
विस्थापित लोगों ने मणिपुर सरकार से मांग की है कि वो हिंसा से प्रभावित परिवारों के लिए केंद्रीय बजट में विशेष राहत पैकेज देने के लिए केंद्र सरकार को एक प्रस्ताव भेजे। विशेषज्ञों ने भी मणिपुर में शांति और स्थिरता बहाल करने को लेकर केंद्र से ज्यादा सहायता की मांग की है।
विशेषज्ञों का कहना है कि मणिपुर करीब तीन सालों से हिंसा झेल रहा है लेकिन केंद्र सरकार ने कोई आर्थिक सहायता नहीं दी है। जबकि प्राकृतिक आपदा ग्रस्त कई राज्यों को पर्याप्त सहायता मिल चुकी है। इनर मणिपुर लोकसभा क्षेत्र के सांसद भी आगामी बजट में राज्य के लिए विशेष आर्थिक पैकेज की मांग कर रहे हैं।
उन्होंने मणिपुर की अनदेखी करने के लिए पिछले बजट की आलोचना की और केंद्र सरकार से इस बार राज्य की मौजूदा आर्थिक कठिनाइयों को दूर करने को प्राथमिकता देने की अपील की है। केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण एक फरवरी को बजट पेश करेंगी। मणिपुर के लोगों को आर्थिक राहत मिलने की उम्मीद है।
केंद्रीय बजट: मणिपुर के हिंसा पीड़ित लोगों ने सहायता के लिए विशेष आर्थिक पैकेज की मांग की
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