हिंदू पंचांग के अनुसार, उगादि तेलुगु नववर्ष का आरंभ माना जाता है। ये पर्व मुख्य रूप से आंध्र प्रदेश, तेलंगाना और कर्नाटक में हर्षोल्लास के साथ मनाया जाता है। तेलंगाना में रविवार को तेलुगु नववर्ष उगादि पारंपरिक उत्साह के साथ मनाया जा रहा है। लोगों ने अपने घरों को आम के पत्तों की मालाओं से सजाया और 'उगादि पचड़ी' (चटनी) खाई। उन्होंने मंदिरों में भी दर्शन किए।
'उगादि पचड़ी' नीम के फूलों, कच्चे-कच्चे हरे आम, गुड़, इमली के गूदे और नमक, काली मिर्च या मिर्च पाउडर (मसालेदार) से बनाई जाती है जो जीवन की चुनौतियों का प्रतीक हैं। मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी और उनके कैबिनेट सहयोगियों ने सरकार द्वारा आयोजित उगादी समारोह में हिस्सा लिया।
नववर्ष 'विश्ववासु' के मौके पर 'पंचांग श्रवणम' (पंचांग का पाठ) का आयोजन किया गया। मुख्यमंत्री ने राजभवन जाकर राज्यपाल जिष्णु देव वर्मा को उगादि की शुभकामनाएं दीं। उगादि समारोह के अलावा बीजेपी कार्यालय में 'सुदर्शन होमम' का आयोजन किया गया। केंद्रीय कोयला और खान मंत्री और प्रदेश बीजेपी अध्यक्ष जी. किशन रेड्डी ने उत्सव और 'होमम' में हिस्सा लिया।
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष बी. महेश कुमार गौड़ ने पार्टी कार्यालय में आयोजित उगादि समारोह में शिरकत की, जबकि बीआरएस के कार्यकारी अध्यक्ष के. टी. रामा राव तेलंगाना भवन में उत्सव में शामिल हुए। राज्यपाल, मुख्यमंत्री किशन रेड्डी, बीआरएस अध्यक्ष के. चंद्रशेखर राव समेत कई नेताओं ने लोगों को तेलुगु नववर्ष के मौके पर शुभकामनाएं दीं।