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आतंकवाद शांति-विकास के लिए सबसे बड़ा खतरा, उप-राज्यपाल ने सुरक्षा बलों की मदद का किया आह्वान

Jammu Kashmir: जम्मू कश्मीर के उप- राज्यपाल मनोज सिन्हा ने बुधवार को कहा कि आतंकवाद शांति और विकास के लिए सबसे बड़ा खतरा है। उन्होंने लोगों से आतंकवाद का समर्थन करने वाले तत्वों की पहचान करने में सुरक्षा बलों की मदद करने का आह्वान किया।

मनोज सिन्हा ने दक्षिण कश्मीर के पुलवामा जिले के अवंतीपोरा क्षेत्र में ‘इस्लामिक यूनिवर्सिटी ऑफ साइंस एंड टेक्नोलॉजी’ (आईयूएसटी) में एक समारोह को संबोधित किया। उपराज्यपाल ने 10 नवंबर को लाल किले के निकट हुए कार विस्फोट में मारे गए लोगों के परिवारों के प्रति संवेदना भी व्यक्त की। उन्होंने कहा, "मैं 10 नवंबर को लाल किले के निकट हुए आतंकवादी हमले के पीड़ितों को श्रद्धांजलि अर्पित करता हूं और उनके परिवारों के प्रति सहानुभूति व्यक्त करता हूं।"

मनोज सिन्हा ने कहा कि यह सच है कि आतंकवाद शांति और विकास के लिए सबसे बड़ा खतरा और सबसे बड़ा दुश्मन है। उन्होंने कहा, "यह न सिर्फ लोगों में नफरत और हिंसा फैलाता है, बल्कि जनता के बीच भाईचारे और एकता को भी कमजोर करता है।" उन्होंने कहा कि आतंकवाद ने पिछले तीन दशकों में जम्मू-कश्मीर के युवाओं के जीवन को तबाह कर दिया है।

उप-राज्यपाल ने कहा, "आज, हमारे युवा अपनी आकांक्षाओं को पूरा कर रहे हैं, लेकिन पड़ोसी देश और उसके समर्थक, आतंकवादी तत्व इसे बर्दाश्त नहीं कर सकते। वे जम्मू-कश्मीर और देश में आतंक के माध्यम से आपके सपनों को मारना चाहते हैं।’’

आतंकवादियों के पारिस्थितिकी तंत्र को नष्ट करने के लिए सामूहिक जिम्मेदारी का आह्वान करते हुए मनोज सिन्हा ने कहा कि ऐसे तत्वों की पहचान करना और सुरक्षा बलों को सूचित करना जनता का कर्तव्य है। उपराज्यपाल ने कहा कि पिछले कुछ वर्षों में जम्मू कश्मीर में उल्लेखनीय शांति आई है। उन्होंने कहा, "जम्मू कश्मीर के लोगों ने पिछले पांच-छह वर्षों में शांति का अनुभव किया है और जम्मू कश्मीर में शांति के पक्षधरों की संख्या में वृद्धि हुई है।"