आगामी केंद्रीय बजट से पहले, पटना में छात्रों और शिक्षकों ने अपनी मांगें जाहिर कीं। छात्र एजुकेशन इंफ्रास्ट्रक्चर को बढ़ाने और रोजगार के ज्यादा मौके मुहैया करवाने की मांग कर रहे हैं। पटना के टीचर आशुतोष झा ने एजुकेशन सिस्टम में सुधार और रोजगार को बढ़ावा देने पर जोर दिया। उन्होंने कहा, "हम मानते हैं कि भारत में सबसे बड़ी युवा आबादी है, इसलिए मेरी मांग आईआईटी, एनआईटी और दूसरे तकनीकी संस्थानों की संख्या बढ़ाने की है।"
छात्रा खुशी कुमारी ने भी बेरोजगारी दूर करने की बात कही। उन्होंने छात्रों के भविष्य की सुरक्षा के लिए स्कॉलरशिप देने और पेपर लीक पर रोक लगाने का आग्रह किया। किशोर कुणाल ने आईआईटी और मेडिकल कॉलेजों जैसे संस्थानों में इंवेस्टमेंट और प्राइवेट सेक्टर की भागीदारी के महत्व पर जोर दिया।
एजुकेशन इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत बनाने के लिए उन्होंने सुझाव दिया कि सरकार इसमें प्राइवेट सेक्टरों को इन्वॉल्व करे। पटना के टीचर गुरु रहमान ने कृषि, रक्षा, शिक्षा और बुनियादी ढांचे के विकास में इंवेस्टमेंट बढ़ाने की मांग की। उन्होंने जनता को राहत देने के लिए टैक्स में छूट की मांग भी की।