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बिहार में सीमांचल बनी सियासी लैब, कांग्रेस-BJP क्यों लगा रही जोर

लोकसभा चुनाव की सियासी तपिश के बीच बिहार का मुस्लिम बहुल सीमांचल क्षेत्र राजनीतिक दलों के लिए सियासी प्रयोगशाला का केंद्र बन चुका है. बीजेपी के निशाने पर सीमांचल का इलाका है, जिसके तहत पार्टी अध्यक्ष जेपी नड्डा कटियार से 2024 के चुनावी अभियान की हुंकार मंगलवार को भरेंगे. बीजेपी की बिहार में लाइन ऑफ एक्शन पर कांग्रेस भी चल पड़ी है. कांग्रेस की ‘भारत जोड़ो न्याय यात्रा’ किशनगंज से एंट्री कर मंगलवार को पूर्णिया पहुंचेगी, जहां राहुल गांधी एक बड़ी रैली को संबोधित कर मिशन-2024 का शंखनाद ही नहीं बल्कि सीमांचल में असदुद्दीन ओवैसी के सियासी फैक्टर को बेसर करने की रणनीति है.

कांग्रेस नेता राहुल गांधी की ‘भारत जोड़ो न्याय यात्रा’ 29 जनवरी को किशनगंज के रास्ते बिहार में दाखिल हुई है. कांग्रेस की यात्रा मंगलवार को सीमांचल के पूर्णिया पहुंच रही है, जहां राहुल गांधी एक विशाल रैली को संबोधित करेंगे और लोकसभा चुनाव के प्रचार अभियान की भी शुरुआत करेंगे. जेडीयू प्रमुख नीतीश कुमार के महागठबंधन से अलग होने के बाद राहुल गांधी की पहली रैली है. वहीं, बीजेपी के अध्यक्ष जेपी नड्डा मंगलवार को बिहार के कटिहार में एक बड़ी जनसभा को संबोधित करेंगे. जेपी नड्डा का यह दौरा और रैली कई मायनों में अहम माना जा रहा है. कांग्रेस और बीजेपी दोनों की नजर सीमांचल के इलाके को साधने की है.