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J-K: किश्तवाड़ में तीसरे दिन भी बचाव अभियान जारी, 60 लोगों की मौत, 100 से ज्यादा घायल

Jammu and Kashmir: जम्मू कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला शनिवार को किश्तवाड़ जिले के चशोती गांव पहुंचे। उन्होंने बादल फटने से अचानक आई बाढ़ से हुए नुकसान का जायजा लिया। गुरुवार को हुए इस हादसे में कम से कम 60 लोगों को जान गंवानी पड़ी जबकि 100 से ज्यादा घायल हुए हैं।

राहत और बचाव अभियान की देख-रेख कर रहे एक वरिष्ठ सैन्य अधिकारी ने मुख्यमंत्री को हादसे की जगह पर चल रहे अभियान के बारे में जानकारी दी। मुख्यमंत्री को अचानक आई बाढ़ से हुए नुकसान का आकलन करने के लिए एक वर्चुअल रियलिटी हेडसेट भी दिया गया।

25 जुलाई से शुरू होकर पांच सितंबर को खत्म होने वाली सालाना मचैल माता यात्रा शनिवार को लगातार तीसरे दिन भी स्थगित रही। चशोती से साढ़े नौ हजार फुट की ऊंचाई पर स्थित मचैल माता मंदिर तक साढ़े आठ किलोमीटर की पैदल यात्रा शुरू होती है।किश्तवाड़ शहर से चशोती की दूरी लगभग 90 किलोमीटर है। किश्तवाड़ जिला प्रशासन ने चशोती में फंसे श्रद्धालुओं के लिए बसों की व्यवस्था की है।

केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने शुक्रवार को तबाह हुए गांव में बचाव और राहत कार्यों की समीक्षा की। उन्होंने कहा कि प्राथमिकता उन लोगों को तलाशने की है जो अब भी लापता हैं और जिनके मलबे में दबे होने की आशंका है।

मचैल माता मंदिर जाने वाले मार्ग में पड़ने वाले चशोती गांव में यह आपदा गुरुवार दोपहर करीब साढ़े बारह बजे आई। इस आपदा ने एक अस्थायी बाजार, लंगर स्थल और एक सुरक्षा चौकी को तहस-नहस कर दिया।

बादल फटने के कारण अचानक आई बाढ़ से कई घर, सरकारी इमारतें, मंदिर, 30 मीटर लंबा पुल और एक दर्जन से ज्यादा वाहन भी क्षतिग्रस्त हो गए। बचाव कार्य तेज कर दिए गए हैं और विशेष उपकरणों के साथ एक दर्जन अर्थमूवर मशीनें लगाई गई हैं। एनडीआरएफ के डॉग स्क्वॉड भी इस अभियान में मदद कर रहे हैं।