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सीएम सोरेन का प्रयास ला रहा रंग, रांची का सदर अस्पताल कैंसर मरीजों के लिए आशा की किरण

Jharkhand: रांची का सदर अस्पताल झारखंड ही नहीं बल्कि दूसरे राज्य के मरीजों के लिए भी उम्मीद की किरण बन चुका है। राज्य के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन का प्रयास रंग ला रहा है। रांची सदर अस्पताल में क्लिनिकल हेमेटोलॉजी डिपार्टमेंट राज्य का एकमात्र ऐसा विभाग है, जहां ब्लड कैंसर, थैलेसीमिया, एप्लास्टिक एनीमिया, ल्यूकेमिया सहित अन्य जटिल ब्लड डिजीज का इलाज किया जाता है।

मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के प्रयासों का ही परिणाम है कि मात्र डेढ़ वर्ष में रांची सदर अस्पताल में गरीब और जरूरतमंद मरीजों को बेहतर और आधुनिक इलाज उपलब्ध हो सका है।  निजी अस्पताल में ब्लड कैंसर के इलाज का ख़र्च जहां लाखों रुपये तक पहुंच जाता है, वहीं सदर अस्पताल में यह न्यूनतम खर्च या फिर सरकारी योजनाओं के तहत मरीजों को उपलब्ध कराया जाता है।

यहां आधुनिक जांच और इलाज की सुविधाएं मौजूद हैं। फिलहाल यहां ब्लड कैंसर के मरीजों और थैलीसीमियम सिकल सेल एनीमिया के मरीजों के लिए 80 बेड मौजूद हैं। हेमंत सोरेन सरकार की पहल पर बोन मैरो ट्रांसप्लांट के लिए जल्द ही रांची सदर अस्पताल और सीएमसी वेल्लोर के बीच एमओयू होने वाला है। रांची का सदर अस्पताल मरीजों के लिए किसी वरदान से कम नहीं।