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वाराणसी में चीनी की कमी नहीं, प्रशासन ने कहा- जरूरत के मुताबिक खरीदें, जमाखोरी पर होगी कार्रवाई

चीनी की बढ़ती कीमतों के बीच वाराणसी प्रशासन ने रविवार को कहा कि जिले और पूरे उत्तर प्रदेश में चीनी का पर्याप्त स्टॉक मौजूद है। बाजार में चीनी की कोई कमी नहीं है। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे अपनी जरूरत के अनुसार ही खुले बाजार से चीनी खरीदें। अपर जिलाधिकारी (नागरिक आपूर्ति) अमित कुमार भारतीय ने बताया कि खाद्य एवं रसद विभाग के अधिकारी और कर्मचारी बाजार में चीनी की उपलब्धता और कीमतों पर लगातार नजर रख रहे हैं।

प्रशासन ने जिले के सभी थोक और खुदरा व्यापारियों को अपने पास मौजूद चीनी के स्टॉक की जानकारी नियमित रूप से केंद्र सरकार के खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण मंत्रालय के पोर्टल पर दर्ज करने का निर्देश दिया है। प्रशासन ने चेतावनी दी है कि चीनी की जमाखोरी या कालाबाजारी करने वालों के खिलाफ आवश्यक वस्तु अधिनियम के तहत सख्त कार्रवाई की जाएगी। इसके अलावा बाजार में चीनी की कृत्रिम कमी पैदा करने या इसकी उपलब्धता को लेकर भ्रामक जानकारी फैलाने वालों पर भी कार्रवाई की जाएगी।

चीनी की कीमतों में हाल के दिनों में तेजी देखने को मिली है। उपभोक्ता मामले, खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण मंत्रालय के मुताबिक, 20 जुलाई को चीनी की औसत खुदरा कीमत 48.18 रुपये प्रति किलो थी, जो बढ़कर 20 अगस्त को 55.70 रुपये प्रति किलो हो गई। मंत्रालय ने कहा कि चीनी की कीमतों में हालिया बढ़ोतरी के लिए इसे इथेनॉल उत्पादन में भेजे जाने को जिम्मेदार ठहराना सही नहीं है।

सरकार के मुताबिक, इथेनॉल उत्पादन के लिए चीनी की हिस्सेदारी 2022-23 में करीब 12 फीसदी से घटकर 2025-26 में करीब 9 फीसदी रह गई है। वहीं, देश में इथेनॉल उत्पादन का करीब तीन-चौथाई हिस्सा अब अनाज, खासकर मक्का से हो रहा है। सरकार के अनुसार, चीनी की कीमत बढ़ने के पीछे घरेलू उत्पादन में उम्मीद से कम बढ़ोतरी, त्योहारों से पहले बढ़ी मांग, मौसम के कारण गन्ने की फसल को नुकसान, वैश्विक स्तर पर आपूर्ति में कमी और जमाखोरी व सट्टेबाजी जैसे कई कारण हैं।