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बिहार में 5.76 लाख से ज़्यादा मतदाता कई जगहों पर पंजीकृत, चुनाव आयोग की जांच में बड़ा खुलासा

New Delhi: बिहार में चल रहे मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) को लेकर एक अहम आंकड़ा सामने आया है। चुनाव आयोग (ईसी) ने अब तक पाया है कि बिहार में 5.76 लाख से ज्यादा मतदाता कई जगहों पर पंजीकृत हैं और 12.55 लाख से ज़्यादा मतदाताओं की मृत्यु हो चुकी है।

राज्य की मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के जारी रहने के साथ, आधिकारिक आंकड़े यह भी बताते हैं कि लगभग 7.90 करोड़ मतदाताओं में से बूथ स्तर के अधिकारियों द्वारा घर-घर जाकर किए गए सर्वेक्षण के दौरान 35.69 लाख से अधिक मतदाता अपने पते पर नहीं पाए गए। चुनाव आयोग की ओर से दिए गए आंकड़ों के अनुसार, 17.37 लाख से ज़्यादा मतदाता संभवतः स्थायी रूप से स्थानांतरित हो गए हैं। चुनाव आयोग ने रेखांकित किया कि आने वाले दिनों में ये आंकड़े बदलेंगे।

14 जुलाई को चुनाव आयोग ने कहा था कि बिहार के कुल 7.89 करोड़ मतदाताओं में से 6.60 करोड़ से ज़्यादा यानी 83.66 प्रतिशत मतदाताओं के नाम 1 अगस्त को प्रकाशित होने वाली मतदाता सूची के मसौदे में शामिल किए जाएंगे। इस सूची में वे सभी मतदाता शामिल होंगे जिनके फॉर्म समय सीमा तक प्राप्त हो गए हैं।

अखबारों में विज्ञापनों और राज्य से अस्थायी रूप से बाहर गए मतदाताओं से सीधे संपर्क के जरिए विशेष प्रयास किए जा रहे हैं ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि वे समय पर अपने गणना फॉर्म (ईएफ) भर सकें और उनके नाम भी मसौदा मतदाता सूची में शामिल हो सकें।