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हिंदी दिवस पर अमित शाह बोले- हिंदी ने देशभर में काम करने के बेहतर अवसर दिए

हिंदी दिवस 2026 के मौके पर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने सोमवार को हिंदी को देश की भाषाई विविधता को जोड़ने वाली महत्वपूर्ण कड़ी बताया। उन्होंने कहा कि हिंदी ने उन्हें राष्ट्रीय स्तर पर काम करने में कभी परेशानी नहीं होने दी और देशभर में काम करने के बेहतर अवसर दिए। अमित शाह नवी मुंबई में आयोजित छठे अखिल भारतीय राजभाषा सम्मेलन को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि सरकार शिक्षा के क्षेत्र में हिंदी और भारतीय भाषाओं को बढ़ावा देने के लिए लगातार काम कर रही है।

'मातृभाषा में शिक्षा से बेहतर होता है परिणाम'

गृह मंत्री ने कहा कि नई शिक्षा नीति के तहत मोदी सरकार ने प्राथमिक कक्षाओं में मातृभाषा में शिक्षा को अनिवार्य किया है। उन्होंने कहा कि मां का स्नेह और भाई-बहनों का प्यार जिस तरह मातृभाषा के जरिए समझा जा सकता है, उसी तरह अपनी जमीन, भाषा, परंपरा और संस्कृति के मूल्यों को भी मातृभाषा के माध्यम से बेहतर तरीके से आत्मसात किया जा सकता है। उन्होंने कहा, "जब कोई व्यक्ति अपनी मातृभाषा में सोचता, विश्लेषण करता और सृजन करता है तो उसका परिणाम हमेशा बेहतर होता है।"

महाराष्ट्र की बहुभाषी संस्कृति का किया जिक्र

अमित शाह ने महाराष्ट्र की बहुभाषी संस्कृति का जिक्र करते हुए कहा कि यहां मराठी भाषा का सम्मान होना स्वाभाविक है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रयासों से मराठी को शास्त्रीय भाषा का दर्जा मिला है। उन्होंने कहा कि छत्रपति शिवाजी महाराज की धरती महाराष्ट्र में मराठी के साथ कोंकणी, गुजराती, सिंधी, हिंदी और कन्नड़ समेत कई भाषाएं फली-फूली हैं। उन्होंने महाराष्ट्र को देश का सबसे बड़ा बहुभाषी राज्य बताया।

गृह मंत्री ने बताया कि वर्ष 2019 में अखिल भारतीय राजभाषा सम्मेलन को दिल्ली तक सीमित नहीं रखने का फैसला किया गया था। इसके बाद यह सम्मेलन अलग-अलग राज्यों में आयोजित किया जाने लगा। उन्होंने कहा कि नवी मुंबई में हो रहा सम्मेलन इसी श्रृंखला का छठा आयोजन है। अमित शाह ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के वैश्विक मंचों पर भारतीय भाषाओं में संबोधन का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री जब भी दुनिया के किसी बड़े सम्मेलन या देश की यात्रा पर जाते हैं, तो भारतीय भाषाओं में अपनी बात रखते हैं।

उन्होंने कहा कि जब देश का प्रधानमंत्री किसी विदेशी भाषा के बजाय अपनी भाषा में वैश्विक मंच पर बोलता है तो हर भारतीय का सीना गर्व से चौड़ा हो जाता है। शाह ने कहा कि प्रधानमंत्री ने देश की भाषाओं को सम्मान देने का काम किया है। इस बार गणेश चतुर्थी और हिंदी दिवस एक साथ होने का जिक्र करते हुए अमित शाह ने उम्मीद जताई कि विघ्नहर्ता भगवान गणेश भारतीय भाषाओं के विकास में आने वाली सभी बाधाओं को दूर करेंगे। उन्होंने कहा कि उन्हें पूरा विश्वास है कि भारतीय भाषाओं के विकास के रास्ते में आने वाली हर रुकावट को भगवान गणेश दूर करेंगे।

अमित शाह ने महाराष्ट्र में गणेश उत्सव की शुरुआत का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि लोकमान्य बाल गंगाधर तिलक ने 1893 में गणेश उत्सव की शुरुआत की थी। तिलक यह समझते थे कि देश की संस्कृति और इतिहास के प्रति जागरूकता सांस्कृतिक राष्ट्रवाद के जरिए ही पैदा की जा सकती है। इसी सोच के साथ उन्होंने गणेश उत्सव और छत्रपति शिवाजी महाराज की जयंती मनाने की परंपरा को आगे बढ़ाया। हर साल 14 सितंबर को हिंदी दिवस मनाया जाता है। यह दिन हिंदी को भारत की आधिकारिक भाषाओं में शामिल किए जाने की याद में मनाया जाता है। हिंदी दिवस देश की अलग-अलग भाषाई और सांस्कृतिक विविधताओं को जोड़ने में हिंदी की भूमिका को भी रेखांकित करता है।